आस्था या अंधविश्वास: मनोकामना पूर्ति के लिए कंटीले जंगल से मंदिर तक खतरनाक दौड़ (Video)

Edited By Simpy Khanna, Updated: 07 Sep, 2019 04:32 PM

हिमाचल के जिला कुल्लू के देवी-देवताओं की अनोखी देव परंपराओं का निर्वहन आज भी किया जा रहा है। माता फुंगणी के सम्मान में लोहड़ी आच्छरी में युवाओं के बीच रोंगटे खड़े कर देने वाली दौड़ लगी।यह दैवीय शक्ति का असर है कि कंटीली झाड़ियां और पहाड़ी के बीच...

कुल्लू (मनमिंदर) : हिमाचल के जिला कुल्लू के देवी-देवताओं की अनोखी देव परंपराओं का निर्वहन आज भी किया जा रहा है। माता फुंगणी के सम्मान में लोहड़ी आच्छरी में युवाओं के बीच रोंगटे खड़े कर देने वाली दौड़ लगी।यह दैवीय शक्ति का असर है कि कंटीली झाड़ियां और पहाड़ी के बीच सांस को थमा देने वाली उतराई में युवक ऐसे उतर रहे थे, जैसे सीढ़ियों से नीचे आ रहे हो। अपनी जान की परवाह न करते हुए करीब चार दर्जन युवा पहाड़ी से माता फुंगणी के स्थान तक पहुंचने के लिए ऐसे कूदे मानो जैसे आग लग गई हो।


PunjabKesari

सारी कोठी के तहत आने वाली सरली से लेकर ब्यासर तक सैकड़ों श्रद्धालु माता फुंगणी के दरबार लोहड़ी आच्छरी में बुधवार को पहुंचे थे। एक जगह पर फुंगणी की पूजा-अर्चना हुई। माता फुंगणी से करीब एक किलोमीटर नीचे माता का स्थान जिसे स्थानीय भाषा में ओड़ी कहा जाता है, इसके चारों ओर कांटे लगाए जाते हैं।
PunjabKesari

मान्यता है कि जो सबसे पहले माता के स्थान तक पहुंचता है तो उसकी मनोकामना भी पूरी हो जाती है। सोशल मीडिया पर इस दौड़ का एक वीडियो भी वायरल हो गया है।स्थानीय लोगों ने बताया कि माता के स्थान तक हर कोई नहीं पहुंच पाता। एक किलोमीटर की दौड़ में कई बाधाएं आती हैं। उन्होंने कहा कि इस परंपरा का सदियों से पालन किया जा रहा है।

Related Story

Trending Topics

India

397/4

50.0

New Zealand

327/10

48.5

India win by 70 runs

RR 7.94
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!