हिमाचल में पिछले 16 महीनों में 2012 लोगों की गई जान

Edited By Ekta, Updated: 28 Aug, 2019 03:23 PM

2012 lives in himachal in last 16 months

हिमाचल में पिछले 16 महीनों के दौरान सड़क दुर्घटना, सांप के कांटने, पेड़ गिरने, पानी में डूबने, बिजली का करंट लगने से 2012 लोगों की जान गई है। इनमें से 1613 मामलों में सरकार मृतकों के परिजनों की वित्तीय सहायता कर चुकी है। शिमला जिला में सबसे ज्यादा...

शिमला (देवेंद्र): हिमाचल में पिछले 16 महीनों के दौरान सड़क दुर्घटना, सांप के कांटने, पेड़ गिरने, पानी में डूबने, बिजली का करंट लगने से 2012 लोगों की जान गई है। इनमें से 1613 मामलों में सरकार मृतकों के परिजनों की वित्तीय सहायता कर चुकी है। शिमला जिला में सबसे ज्यादा 397 लोगों की मौत हुई है। शिमला में 306 लोगों की जान अकेले सड़क दुर्घटनाओं में गई है। इसी तरह चंबा जिला में 241 लोगों की मौत, कुल्लू में 178, ऊना में 288, सोलन में 233, सिरमौर में 215, मंडी में 249, कांगड़़ा में 41, हमीरपुर में 90, बिलासपुर में 28, किन्नौर में 55 तथा लाहौल-स्पीति जिला में 7 लोगों की जान गई है। इनमें सबसे अधिक 1606 लोगों की मौत सडक़ दुर्घटनाओं के कारण गई है। 122 लोगों की पानी में डूबने, 74 की बिजली का करंट लगने, 73 की सांप के काटने तथा 137 व्यक्तियों की जान पेड़ गिरने से गई है। इन लोगों की मौत एक अप्रैल 2018 से 31 जुलाई 2019 के बीच हुई है। 

वित्तीय सहायता के 399 मामले लटके

राज्य सरकार ऐसे लोगों की मृत्यु के बाद प्रभावित परिवार की वित्तीय मदद करती है, लेकिन 399 मामले अभी लंबित बताए जा रहे है। लंबित मामलों में ऊना जिला के सबसे ज्यादा 164 मामले, शिमला के 91, बिलासपुर के 10, चंबा के 37, कांगड़ा के सात, कुल्लू के दो, किन्नौर के 15, मंडी के 42 तथा सिरमौर के 31 मामले लटके हुए है।

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