Watch Video: शक्तिपीठों पर बरसे पुराने नोट, कमाई जान रह जाएंगे हक्‍के-बक्‍के

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Saturday, November 19, 2016-8:41 PM

धर्मशाला/ऊना/बिलासपुर: नोटबंदी के बावजूद हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों में श्रद्धालु करीब 52 लाख के 500 और 1000 के पुराने नोट ही चढ़ा गए हैं। बताया जा रहा है कि मंदिर प्रशासन की ओर से रोक लगाने के बावजूद दानपात्रों में लोग 500-1000 के पुराने नोट डाले जा रहे हैं। चढ़ावे से पुराने नोट बदलने के मामले के बीच चिंतपूर्णी में सर्वाधिक 24 लाख की पुरानी करेंसी चढ़ाई जा चुकी है। इसी तरह बीते करीब एक हफ्ते में नैना देवी मंदिर में 20.86, ज्वालाजी में 4.83, जबकि बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में 1.40 लाख की पुरानी करेंसी चढ़ाई जा चुकी है।


चामुंडा में अधिकारिक तौर पर 10 नवंबर तक ही 60 हजार के पुराने नोट भक्त लोग चढ़ा गए। चिंतपूर्णी के छिन्नमस्तिका धाम में अब तक 24 लाख 14 हजार रुपए के पुराने नोट मिले हैं। इनमें 8.78 लाख के 1000 और 15.36 लाख के 500 के पुराने नोट दानपात्रों में मिल चुके हैं। नोटबंदी के बाद चिंतपूर्णी में कुल 61.31 लाख का चढ़ावा चढ़ चुका है। नैना देवी में भी वीरवार तक 11.86 लाख के 1000 के और 9.2 लाख के 500 के पुराने नोट एक सप्ताह में चढ़ाए जा चुके हैं।  


ज्वालाजी शक्तिपीठ में 83 हजार के 1000 के पुराने नोट जबकि करीब 4 लाख के 500 रुपए के नोट माता के चरणों में अर्पित किए गए। चामुंडा मंदिर में 10 नवंबर तक 60 हजार रुपए के पुराने नोट श्रद्धालुओं ने दान पेटियों में डाले। जानकारी के मुताबिक चिंतपूर्णी मंदिर के सहायक आयुक्त व एस.डी.एम. सुनील वर्मा ने बताया कि सरकार के आदेशों के बाद 1000 और 500 के पुराने नोट पर्ची के माध्यम से स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं। 


नोटबंदी के बाद नैना देवी मंदिर में रिकॉर्ड तोड़ हुआ चढ़ावा
नोटबंदी के बाद प्रदेश के अन्य शक्तिपीठों में भले ही श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई हो, लेकिन नैना देवी शक्तिपीठ में पिछले एक सप्ताह में रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावा चढ़ा है। इन दिनों मंदिर में चढ़ावा कम रहता था, लेकिन नोटबंदी के बाद न्यास की आमदनी में काफी बढ़ोतरी हुई है।


 

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