सिर्फ इस कारण किसानों के लिए जरूरी हुअा आधार कार्ड

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Thursday, January 11, 2018-3:45 PM

मंडी : पहली फरवरी, 2018 के बाद कोई भी खाद विक्रेता डिपो होल्डर पी.ओ.एस. मशीन पर क्रेता की पहचान किए बिना खाद नहीं बेच पाएंगे। खाद विक्रेता डिपो होल्डरों को प्वाइंट ऑफ  सेल मशीनें वितरित की जा रही हैं और इन मशीनों से किसानों के आधार नंबर जोड़े जाएंगे। जब भी कोई किसान खाद की खरीददारी करेगा, तो पी.ओ.एस. मशीन में आधार कार्ड के लिंक होने से किसान के अंगूठों का मिलान भी किया जाएगा, जिससे सम्पूर्ण ब्यौरा मशीन में दर्ज रहेगा। उर्वरक खरीद में आधार नंबर की आवश्यकता बारे लोगों को जागरूक किया जाना जरूरी है। पी.ओ.एस. मशीनों के जरिए यह भी पता चल पाएगा कि जिला में कितनी खाद की बिक्री हुई है। उन्होंने बताया कि पी.ओ.एस. मशीन खाद का सरकारी दाम भी दर्शा देगी, जिससे किसानों को खाद का सही दाम भी पता चल पाएगा।

क्षमता से अधिक खाद लेने पर भी रहेगा चैक
डी.सी. ऋग्वेद ठाकु र ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड की भी इस योजना में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। मृदा परीक्षण से पता चल जाएगा कि किस किसान को कितनी तथा किस प्रकार की खाद की जरूरत है। इससे यह भी पता चलेगा कि कहीं किसान क्षमता से अधिक खाद तो नहीं ले रहे हैं। 


खाद विक्रेताओं को पी.ओ.एस. मशीन बारे दी जानकारी 
डी.सी. ऋग्वेद ठाकु र ने बुधवार को उर्वरक में डायरैक्ट बैनीफि ट ट्रांजैक्शन योजना से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस बारे जानकारी दी। बैठक में कृषि उपनिदेशक रूप लाल चौहान और राज्य डी.बी.टी. समन्वयक गौरव भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा उर्वरक कम्पनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
 


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