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अजीबोगरीब परंपरा: देवलुओं ने राख फैंक कर भगाए भूत-प्रेत

  • अजीबोगरीब परंपरा: देवलुओं ने राख फैंक कर भगाए भूत-प्रेत
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Tuesday, January 16, 2018-5:31 PM

काईस: धार्मिक नगरी मणिकर्ण घाटी के पीणी-तलपीणी इलाके में सोमवार को राख की दियाली की धूम रही। इलाके के आराध्य देवता लाहौल घोंट के सम्मान में मनाए जाने वाले इस उत्सव में इलाके के हारियानों ने राख फैंक कर भूत-प्रेत भगाए। देव स्थल तलपीणी में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इलाके के हारियानों ने सबसे पहले देवता को जूब देकर आशीर्वाद लिया। उसके बाद कुछ ही समय बाद प्राचीन देव परंपरा का निर्वहन किया। देवलुओं ने देव विधि अनुसार राख फैंकना शुरू किया।


सर्वप्रथम देव स्थल में एक ओर माता चामुंडा और नारायण देवता का गूर और दूसरी ओर कन्या रूपी माता भागासिद्ध का गूर आमने-सामने खड़े हो जाते हैं। वे देव आदेश मिलते ही एक-दूसरे पर राख फैंकते हैं। इसके बाद अन्य हारियान अश्लील गालियां देकर एक-दूसरे पर राख फैंकते है। देवलुओं की मानें तो इस उत्सव में एक-दूसरे पर राख फेंकने से भूत-प्रेत भाग जाते हैं। माता भागासिद्ध के पुजारी मोहर सिंह ठाकुर ने कहा कि देव स्थल तलपीणी में सदियों से चली आ रही राख दियाली मनाई गई। उन्होंने इस परंपरा का निर्वहन करते हुए एक-दूसरे पर राख फैंक कर भूत-प्रेत भगाए। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति के 7वें दिन सदयाला मनाया जाएगा। इस दौरान बड़ी-बड़ी मशालें जलाई जाती है।


दियाली पर्व पर हिमपात, अच्छी फसल के संकेत
घाटी के देवलुओं की मानें तो दियाली पर्व पर हिमपात का होना अच्छी फसल होने का संकेत है। अगर इस दौरान हिमपात नहीं होता है तो हारियान इलाके में फसल मध्यम रहती है। इसके अलावा इलाके में सुख-समृद्धि भी सामान्य रहती है।


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