बिना नाम लिए वीरभद्र का शिंदे पर हमला, बोले-AICC महासचिव फाइनल अथॉरिटी नहीं

  • बिना नाम लिए वीरभद्र का शिंदे पर हमला, बोले-AICC महासचिव फाइनल अथॉरिटी नहीं
You Are HereHimachal Pradesh
Thursday, September 14, 2017-12:06 AM

शिमला: कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहे घमासान के बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश प्रभारी सुशील कुमार शिंदे पर अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि ए.आई.सी.सी. महासचिव कोई फाइनल अथॉरिटी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य के चलते वह व्यस्त हंै और समय मिलने पर हाईकमान से मिलने नई दिल्ली जाएंगे। वीरभद्र यहां पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। विधानसभा चुनाव लडऩे या न लडऩे के सवाल को मुख्यमंत्री हंसी में टाल गए और कहा कि यह मिलियन डॉलर का सवाल है। भाजपा के केंद्रीय नेताओं के लगातार प्रदेश में आने और कांग्रेस नेताओं के न आने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रचार के लिए कोई आए या न आए, मैं काम करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी उम्र के 65 साल कांग्रेस पार्टी को दिए हैं और भविष्य में भी अपनी सेवाएं देता रहूंगा। मैं विकास कार्यों की खुद समीक्षा करता हूं ताकि अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को लाभ मिल सके। 

पार्टी के किसी नेता से व्यक्तिगत मतभेद नहीं 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कांग्रेस पार्टी के किसी नेता से व्यक्तिगत मतभेद नहीं हैं। वे पार्टी हित में अपनी बात कहते रहे हैं और भविष्य में भी कहेंगे। चुनाव को मिलकर लड़ा जाना चाहिए, क्योंकि यह पार्टी के साथ सबके भविष्य का प्रश्न है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी का प्रदेश के हर कोने, जाति और वर्ग में व्यापक जनाधार है। उन्होंने कहा कि मैंने 6 बार मुख्यमंत्री पद संभालने के अलावा 5 बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद का दायित्व देखा है। ऐसे में वे अपने अनुभव के आधार पर पार्टी हित की बात करेंगे। 

मैं और मेरी फौज चुनाव लडऩे के लिए तैयार
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए वह और उनकी फौज चुनाव लडऩे को तैयार है। उन्होंने कहा कि चुनाव में मैं एक बार फिर सबको सरप्राइज करूंगा। हिमाचल प्रदेश मेरा घर है और मैं सदैव इसके हित की सोचता हूं। मैंने पिछली बार भी नामांकन पत्र भरने के लिए प्रदेश में पूरा समय प्रचार को दिया और कांग्रेस पार्टी प्रदेश में चुनाव जीती। 

सभी केंद्रीय एजैंसियों को मेरे पीछे लगाया
उन्होंने आरोप लगाया कि उनको प्रताडि़त करने के लिए सभी केंद्रीय एजैंसियों को उनके पीछे लगाया गया है। उनके खिलाफ जिस मामले को लेकर भाजपा नेता बार-बार बयानबाजी करते हैं, उसकी जांच सी.बी.आई., ई.डी. और इन्कम टैक्स कर रहा है। पहले भी उन पर झूठे मामले दर्ज किए गए और बाद में वह कोर्ट से बरी होकर निकले। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता उनके खिलाफ आरोप उनको ह्यूमीलेट करने के लिए लगाते रहते हैं। ऐसे आरोप लगाना उनकी सोच है।

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!