स्कूल में अनुशासन का यह तरीका उड़ा देगा आपके होश, पढ़ें खबर

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Monday, December 18, 2017-12:16 AM

मंडी/पंडोह: पंडोह के एक सरकारी स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान एक अध्यापिका द्वारा छात्रों के लंबे बाल काटने का मामला सामने आया है। घटना वीरवार की बताई जा रही है लेकिन बाल काटने से शर्मिंदा कुछ छात्र रविवार को वार्षिक समारोह में भाग नहीं ले पाए। इस कार्यक्रम में स्वयं उपनिदेशक उच्च शिक्षा मंडी अशोक शर्मा पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि जिस दिन यह वाकया स्कूल में घटा तो उसके बाद बच्चों ने उनके जबरन काटे बाल बाजार में जाकर नाई से ठीक करवाए और कुछ को पूरा गंजा होना पड़ा जिस कारण 4 विद्यार्थी रविवार को संपन्न हुए वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में शामिल नहीं हो सके। जानकारी के मुताबिक ऐसा स्कूल की अध्यापिका ने वार्षिक समारोह से पूर्व बच्चों के अनुशासन में रहकर बेहतर ढंग से बाल कटवाकर और सादी स्कूल वर्दी में आने को लेकर किया। इसके पीछे कारण कुछ छात्रों द्वारा मशरूम कटिंग करवाकर स्कूल आना माना जा रहा है। वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह से पूर्व उपरोक्त अध्यापिका ने बच्चों को प्रार्थना सभा में ऐसे बाल कटवाने से मना किया था। 

अभिभावकों ने उपनिदेशक उच्च शिक्षा मंडी से की शिकायत
उधर, कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि अध्यापिका ने कैं ची से बाल स्वयं काट डाले जिससे छात्रों को बाल ठीक करवाने के लिए फिर से नाई के पास जाना पड़ा और वहां नाई ने ज्यादा खराब बाल होने के चलते उनको गंजा करना ही उचित समझा। जब तीसरे दिन रविवार को कुछ बच्चों ने स्कूल जाने से इंकार किया तो अभिभावकों ने वजह जानकर उपरोक्त अध्यापिका के खिलाफ उपनिदेशक उच्च शिक्षा मंडी से शिकायत कर डाली। 3 अभिभावकों ने संबंधित स्कूल मुखिया से इस घटना पर जवाब भी मांगा तो उन्होंने अनुशासन बनाने के लिए ऐसे कदम उठाना अनिवार्य बताया जबकि पंडोह के कुछ सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने इस घटना को अमानवीय कृत्य बताया है।

कानूनी कार्रवाई के लिए कमेटी का गठन 
इस मामले पर कानूनी कार्रवाई के लिए एक कमेटी का गठन कर लिया गया है जिसने चाइल्ड लाइन व अन्य बाल संरक्षण समितियों को इस घटना की जानकारी देते हुए न्याय की मांग की है। इस संबंध में उपनिदेशक उच्च शिक्षा मंडी अशोक शर्मा ने बताया कि ऐसी शिकायत मिली थी लेकिन आज मैं स्वयं स्कूल के कार्यक्रम में गया था और आपत्ति जताने वाले अभिभावकों को भी बुलाया गया था लेकिन वे नहीं आए। अनुशासन बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी कदम शिक्षकों की ओर से उठाए जाते हैं जो जरूरी हैं। 

अध्यापक यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया सकारात्मक कदम
वहीं स्कूल की प्रधानाचार्य ज्योत्सना गुप्ता ने कहा कि अनुशासन बनाए रखने के लिए हम कई कदम उठाते हैं ताकि अनुशासन में रहने की बच्चों में आदत बनी रहे। कुछ अध्यापक यूनियन के पदाधिकारियों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि छात्र मनमाने तरीके से बाल कटवाकर आ रहे हैं जो अनुशासन के दायरे से बाहर है।  


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