मनाली के इन 9 गांवों में 42 दिन तक नहीं चलेंगे Mobile-TV, जानिए क्या है वजह

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Saturday, January 13, 2018-7:01 PM

मनाली: मनाली की उझी घाटी के 9 गांव देव आदेश का पालन करने को एक बार फिर तैयार हैं। सूचना क्रांति के इस दौर में कुल्लू की देव आस्था ने फिर कौतुहल पैदा कर दिया है। ऐतिहासिक गांव गोशाल में टी.वी. के बटन स्विच ऑफ कर दिए गए हैं। मोबाइल, रेडियो सहित मनोरंजन के सभी साधन को ग्रामीणों ने देव आदेश के चलते अपने से दूर कर दिया है। देवालयों की सारी घंटियों को बांधने की तैयारी हो रही है ताकि कोई श्रद्धालु गलती से घंटी बजाकर देव आदेश की आज्ञा का उल्लंघन न कर सके। उझी घाटी के 9 गांव आज से 42 दिन तक देव आदेश में बंधने जा रहे हैं। इन गांवों के लोगों पर आराध्य देवों गौतम-व्यास ऋषि व नाग देवता का आदेश लागू हो गया है।

यह है मान्यता
मान्यता है कि गांव के आराध्य देव इन दिनों तपस्या में लीन हो जाते हैं तथा देवताओं को शांत वातावरण मिले, इसके लिए ग्रामीण गांव में टी.वी. व रेडियो नहीं चलाएंगे न ही खेतों-खलिहानों का रुख करेंगे। उझी घाटी के गोशाल गांव सहित कोठी, सोलंग, पलचान, रुआड़, कुलंग, शनाग, बुरुआ तथा मझाच के लोग आज भी देव प्रतिबंध का पालन सदियों से पूरी श्रद्धा से कर रहे हैं। व्यापक प्रतिबंध के चलते गोशाल गांव के ग्रामीण रेडियो-टी.वी. का प्रयोग नहीं करेंगे जबकि अन्य गांव के ग्रामीण खेतों का रुख नहीं करेंगे।

युवा वर्ग भी निभा रहा परंपरा
देवलू एवं गोशाल के ग्रामीण मेहर चंद ठाकुर, गोकल, कृष्णा का कहना है कि उझी घाटी के 9 गांवों के लोग रविवार से देव प्रतिबंध में बंधने जा रहे हैं। उनके अनुसार बुजुर्ग लोगों सहित युवा वर्ग भी इस प्रतिबंध को आज भी बड़ी श्रद्धा से निभा रहा है। देवता पर अटूट विश्वास का ही कारण है कि इस बार भी घाटी के ग्रामीण देव आज्ञा के पालन को पूरी तरह तैयार है। 

42 दिन तक होगा देव आज्ञा का पालन
शनाग पंचायत के प्रधान प्रताप ठाकुर और विद्या का कहना है कि ग्रामीण 42 दिन तक देव आज्ञा का पालन करेंगे।  ग्रामीण स्वर्ग प्रवास से लौटने पर देवताओं का जोरदार स्वागत करेंगे तथा आराध्यदेवों के सम्मान में उत्सव का भी आयोजन करेंगे। देवता स्वर्ग प्रवास से लौटते ही भविष्य में होने वाली घटनाओं बारे भी भविष्यवाणी करेंगे। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह ही गांव देव वाद्य यंत्रो से गूंज उठेगा। देवता के कारकून विधिपूर्वक देव कार्यो को सम्पन्न्र करेंगे।


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