9वीं कक्षा के छात्र ने जमीन को बंजर करने वाली बूटी से बना डाली कीटनाशक दवाई

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Friday, October 13, 2017-2:16 AM

हमीरपुर: हिमाचल में बेसहारा पशु व जंगली जानवर तो खेतों को उजाड़ ही रहे हैं, इसके साथ ही जमीन को बंजर करने में नीला फुलणू (स्थानीय भाषा में बूटी) भी कम जिम्मेदार नहीं है। खेतों में नीला फुलणू का बीज पड़ते ही फसल की पैदावार पर विपरीत असर पड़ता है मगर अब इस नीला फुलणू से घबराने की जरूरत नहीं है। नीला फुलणू को ही अब कीटनाशक दवाई के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेेगा।

बाल विज्ञान सम्मेलन में पर्व ने तैयार किया प्रोजैक्ट
सुपर मैग्नेट स्कूल के 9वीं कक्षा के विद्यार्थी पर्व ठाकुर ने नीला फुलणू से कीटनाशक दवाई तैयार की है, जिसका छिड़काव फलों व सब्जियों में अंकुरित होने वाले फूलों पर करने से उन्हें कई रोगों से बचाया जा सकेगा। बाल स्कूल हमीरपुर में चल रहे जिला स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन में इसके बारे में पर्व ठाकुर ने अपना प्रोजैक्ट तैयार किया है। गौरतलब है कि वर्तमान में बाजार में कीटनाशक दवाइयां महंगे दाम में मिलती हैं, जिन्हें खरीदना छोटे एवं मझोले किसानों के बस की बात नहीं होती मगर नीला फुलणू से तैयार की जाने वाली कीटनाशक दवाई में खर्च भी नहीं होगा।  

यह है कीटनाशक दवाई बनाने की विधि
पर्व के अनुसार नीला फुलणू की पत्तियों को लेकर उन्हें गाय के मूत्र में 24 घंटे भिगोकर रखना है तथा इस अवधि में पत्तियों का रस मूत्र में मिलकर कीटनाशक दवाई तैयार हो जाती है। उसके बाद इसका छिड़काव कीटनाशक के तौर पर किया जा सकता है। उनके अनुसार इसके रिजल्ट भी काफी सकारात्मक रहे हैं। 

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