इनकी हिम्मत के आगे बर्फ भी हारी, 3 कि.मी. पैदल चलकर बचाई एक जान

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Friday, April 21, 2017-10:16 PM

मनाली: लाहौल-स्पीति उपमंडल उदयपुर के पीपल गांव के ग्रामीण हिम्मत व साहस का परिचय देते हुए एक जिंदगी को बर्फ के बीच से निकाल लाए। शकौली पंचायत की महिला प्रेमदेई (60) पिछले 20 दिनों से बीमार थी, जिसका केलांग में उपचार चल रहा था। हवाई सेवा न मिलने और स्वास्थ्य में सुधार न होता देख परिजनों ने ग्रामीणों व रिश्तेदारों की मदद से यह खतरनाक जोखिम उठा लिया। प्रेमदेई को सुबह साढ़े 6 बजे वाहन द्वारा रोहतांग के एक मोड़ से नीचे तक पहुंचाया गया। जब प्रेमदेई को रोहतांग पार करवा रहे थे तब दर्रे में बर्फ  के फाहे गिर रहे थे। रिश्तेदारों ने ग्रामीणों की मदद से हिम्मत का परिचय देते हुए स्ट्रेचर में बिठा कर लगभग 3 किलोमीटर बर्फ  में पैदल चलकर 13,050 फुट ऊंचे रोहतांग के इस पार पहुंचाया। 

प्रशासन की अनदेखी के चलते उठाना पड़ा जोखिम
प्रेमदेई के बेटे शिव लाल ने बताया कि उनकी माता पिछले 20 दिनों से बीमार चल रही हंै, उन्हें पहले शांशा अस्पताल में दाखिल किया जहां से उन्हें केलांग रैफर कर दिया गया।  उसने बताया कि हवाई सेवा के लिए बहुत प्रयास किया लेकिन प्रशासन ने भी अनदेखी कर दी, जिस कारण मजबूर होकर इस तरह का जोखिम उठाना पड़ा। लाहौल निवासी दोरजे और राम सिंह ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि प्रशासन को बीमार महिला को प्राथमिकता पर हवाई सेवा मुहैया करवानी चाहिए थी। 

खराब मौसम में दर्रा पार न करें लोग
उधर, कोकसर बचाव दल के प्रभारी लुदर ने बताया कि बीमार महिला को सुरक्षित रोहतांग के उस पार पहुंचा दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज मौसम खराब रहने के बावजूद 100 से अधिक लोगों ने रोहतांग दर्रा आर-पार किया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि मौसम खराब होने की सूरत में दर्रा पार न करें।

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