तीनों खूंखार कैदी न्यायिक हिरासत में, 3 अन्य कैदियों पर गिर सकती है गाज

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Tuesday, December 12, 2017-12:42 AM

शिमला : कंडा जेल से फरार हुए थे कैदी मामले में पुलिस की कार्रवाई बढ़ती जा रही है। जिन कैदियों ने 3 खूंखार कैदियों को भगाने में मदद की थी उन पर अब गाज गिरना तय है। बताया जा रहा है कि पुलिस की राडार में 3 अन्य कैदी हैं। इन्होंने ही भगाने की साजिश रची थी। ऐसे में पुलिस ने उनसे पूछताछ की है। हालांकि जिस औजार से जेल की सलाखें काटी थीं उस औजार को पुलिस ने बरामद कर लिया है। कैदी ने उस औजार से सरिया को काटा था। कंडा जेल से जेल की सलाखें तोड़कर भागे तीनों कैदियों को 3 दिन के पुलिस रिमांड के बाद सोमवार को फिर से कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेशानुसार तीनों कैदियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इन तीनों पर धारा 223, 224 पी.डी.पी. के तहत मामला दर्ज किया है। 

2 कैदी रेप और एक मर्डर की सजा काट रहा 
उल्लेखनीय है कि सोलन के सुबाथू व सायरी के जंगल से पकड़े गए तीनों कैदियों को बीते शनिवार को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था, जहां उन्हें 11 दिसम्बर तक पुलिस रिमांड पर भेजा था। गौरतलब है कि आदर्श जेल कंडा से मंगलवार और बुधवार की मध्य रात्रि 3 कैदी फरार हो गए थे। इनमें से 2 कैदी रेप के मामले में और एक मर्डर केस में सजा काट रहे थे। इनमें लीलाधर नामक अंडर ट्रायल कैदी हत्या के मामले में एक अक्तूबर 2015 से कंडा जेल में बंद था जबकि प्रताप सिंह एक बच्ची से बलात्कार के जुर्म में जेल में था। प्रेम बहादुर भी रेप के आरोप में 16 जुलाई 2015 से कंडा जेल में बंद था। 

2 संतरियों को सस्पैंड कर दिया 
ये तीनों कैदी कंडा जेल में बैरक नम्बर-4 में रखे थे और इन्होंने बैरक को काटा और फिर वे बाहर निकलकर पाइप के सहारे 16 फुट ऊंची दीवार को क्रॉस कर फरार हो गए। रात को 10:30 बजे तक ये तीनों कैदी बैरक में ही थे। सुबह 4:15 बजे देखा तो ये तीनों कैदी वहां पर नहीं थे जबकि बैरक के बाहर 2 संतरी सुरक्षा में तैनात थे लेकिन फिर भी ये कैदी भाग गए। इस मामले में 2 संतरियों को सस्पैंड कर दिया गया था और डी.जी. जेल ने मामले की जांच एस.पी. जेल को सौंपी थी लेकिन एस.पी. शिमला की टीम ने तीनों कैदी को पकड़ लिया था। अब इन कैदियों को वापस कंडा जेल ले गए हैं। 14 दिन के बाद इन्हें फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा।
 


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