ट्राऊट वाटर में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध, 15 शिकारी चढ़े विभाग के हत्थे

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Thursday, December 7, 2017-11:13 PM

हमीरपुर: मत्स्य विभाग द्वारा 1 नवम्बर से लेकर 28 फरवरी तक ट्राऊट वाटर में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध प्रदेश के सभी इलाकों में मान्य होगा। अगर इस दौरान कोई भी व्यक्ति ट्राऊट वाटर में फिशिंग करता पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत विभाग प्रतिबंध लगने के बावजूद अब तक 15 के करीब लोगों को ट्राऊट वाटर में फिशिंग करने के जुर्म में पकड़ चुका है जिन पर कानूनी कार्रवाई चल रही है। इसके तहत विभाग ने लोगों से अपील भी की है कि वे इस समय में ट्राऊट वाटर में मछलियां न पकड़ें। 

इसलिए लगाया गया है प्रतिबंध
ये प्रतिबंध इसलिए नहीं लगाया गया है कि हिमाचल में मछलियों की संख्या में कमी आ गई है या फिर मछलियों की प्रजाति पर संकट आन पड़ा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये सीजन ट्राऊट वाटर फिश के लिए प्रजनन का समय होता है, जिससे मछलियां अपनी प्रजाति को आगे बढ़ाती हैं। इस प्रजनन के बाद ही अगले सीजन में हिमाचल में मछलियों की संख्या में इजाफा हो पाएगा व उनकी प्रजाति आगे बढ़ पाएगी साथ ही लोगों को भी इसके जरिए ज्यादा व्यवसाय करने का मौका मिलेगा। इन मछलियों के प्रजनन में कोई दिक्कत या परेशानी न आए, इसके लिए विभाग ने 4 महीनों के लिए ट्राऊट वाटर में मछलियों के पकडऩे पर प्रतिबंध लगा दिया है।

तैनात किए हैं फ्लाइंग स्क्वायड
विभाग ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि अगर 4 महीनों के इस मछली प्रजनन के समय दर के बीच अगर कोई भी व्यक्ति विभाग द्वारा चिह्नित ट्राऊट वाटर क्षेत्र में मछली पकड़ता पाया गया तो उस पर विभाग नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई करेगा। इसके 3 हजार तक का जुर्माना, पुलिस में केस दर्ज करवाना या फिर कोर्ट में उपस्थित होने की सजा जैसे कानून शामिल हैं। इसके लिए निगरानी रखने के लिए विभाग ने फ्लाइंग स्क्वायड को भी तैनात किया है जो किसी भी वक्त किसी भी रूप में कहीं भी निगरानी या चैकिंग कर सकते हैं।

कौन है इन नियमों के बाहर
यदि कोई व्यक्ति निजी तौर पर घर पर ही इन मछलियों का पालन और व्यापार करता है तो उस व्यक्ति पर विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति ट्राऊट क्षेत्र में मछली पकड़ता पाया गया तो उस पर विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। 

क्या कहते हैं विभाग के अधिकारी 
मत्स्य विभाग हि.प्र. के प्रबंधक एवं निदेशक सतपाल मेहता ने बताया कि ये प्रतिबंध विभाग ने इसलिए लगाया है ताकि मछलियां बिना किसी परेशानी के प्रजनन कर सकें व उनकी तादाद में भी वृद्धि हो सके। इसके लिए 4 महीने का समय निश्चित किया गया है, जिसमें लोगों से भी सहयोग की उम्मीद है। इसके बावजूद विभाग ने अब तक 15 मामले पकड़े हैं जिन पर कार्रवाई हो रही है।

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