आउटसोर्स भर्ती की CM से शिकायत, यहां इंटरव्यू में हो रही धांधली

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Saturday, January 6, 2018-4:15 PM

चम्बा : वीरवार को मैडीकल कॉलेज चम्बा के लिए 60 पदों को भरने के लिए आऊटसोर्स के माध्यम से बुलाई गई भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे बवाल ने अब जोर पकड़ लिया है। सदर विधायक पवन नैय्यर, नगर परिषद अध्यक्ष चम्बा नीलम नैय्यर व भाजयुमो अध्यक्ष विनायक रैणा के बाद अब चम्बा अनुसूचित जाति कल्याण संघ ने भी इस भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सरकार से इस पूरे मामले की जांच करने की मांग की तो साथ ही इस भर्ती प्रक्रिया में पात्रों को रखने की बात की।

आवेदकों को अधिकारिक तौर पर क्यों सूचना नहीं दी
संघ का कहना है कि जिन युवाओं ने मैडीकल कालेज में पदों के लिए आवेदन किया था, उन्हें अधिकारिक तौर पर इस साक्षात्कार के लिए लिखित में सूचना क्यों नहीं भेजी गई। शाह ने कहा कि सबसे बड़ा प्रश्न यह भी है कि इस साक्षात्कार प्रक्रिया को आयोजित करने की तारीख की कोई भी सार्वजनिक रूप से घोषणा नहीं की गई तो साथ ही प्रार्थना पत्र दाखिल करने के साथ-साथ इसके लिए अंतिम तिथि की घोषणा होना भी बेहद जरूरी था। उन्होंने कहा कि इन सब बातों को अगर नजरअंदाज किया गया है तो नि:सन्देह यह बहुत बड़ा भर्ती घोटाला है।

भर्ती के लिए मापदंड क्यों नहीं बनाए
उन्होंने कहा कि कंपनी को सरकार ने भले आऊटसोर्स पर भर्तियों को अंजाम देने का काम सौंपा है लेकिन इसका यह बिल्कुल भी मतलब नहीं है कि कंपनी अपनी मर्जी के मुताबिक इस कार्य को अंजाम देकर पढ़े-लिखे काबिल युवाओं की अनदेखी करे। उन्होंने कहा कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया के लिए सबसे पहले इस कार्य हेतु मापदंड निर्धारित किए जाते हैं लेकिन मैडीकल कॉलेज के लिए आऊटसोर्स के माध्यम से भरे जाने वाले पदों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इससे यह संदेह होना स्वाभाविक है कि इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से अपनों को रेबडिय़ा बांटी जा रही हैं, जोकि पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।

मुख्यमंत्री से की जाएगी शिकायत
के.एल. शाह ने कहा कि इस गोरखधंधे पर विराम लगाने के साथ-साथ युवाओं के साथ हो रहे अन्याय के बारे में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरी जानकारी दी जाएगी। पत्र में यह भी लिखा जाएगा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए ताकि लोगों को यह आभास हो कि जिस पार्टी ने चुनावों में पूर्व सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार को अपना मुख्य हथियार बना कर लोगों का विश्वास जीता है, उस विश्वास पर खरा उतरने के लिए वह अपने कार्यकाल में ऐसे किसी भी कार्य को अंजाम देने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाए, जोकि सरकार को बदनाम करने के साथ-साथ भ्रष्टाचार का पोषण करने का काम कर रहे हैं। 


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