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एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर दम तोड़ गया स्टीम इंजन

  • एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर दम तोड़ गया स्टीम इंजन
You Are HereHimachal Pradesh
Wednesday, January 17, 2018-1:02 AM

पालमपुर: गुजरात से लाया गया स्टीम इंजन एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर दम तोड़ गया। ट्रायल के दौरान पपरोला से रवाना हुआ स्टीम इंजन मझैरना से आगे नहीं बढ़ पाया। बुश टूट जाने के कारण इंजन को डीजल इंजन के द्वारा वापस लाना पड़ा। मंगलवार ब्रिटिशकाल का स्टीम इंजन रेल लाइन पर दौड़ा। रेलवे द्वारा पपरोला से पालमपुर व वापिसी हेतु इस रेल इंजन का ट्रायल किया गया परंतु बात नहीं बन पाई। क्षेत्र में पर्यटकों के आकर्षण के लिए इस स्टीम रेल इंजन को पुन: तैयार किया गया है। 

ऑरिजनल नहीं मिल पाए इंजन के कलपुर्जे
बताया जा रहा है कि इंजन के कुछ कलपुर्जे अभी भी ऑरिजनल नहीं मिल पाए हैं परंतु रेलवे द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था कर इंजन को चलाने लायक बनाया गया है। यह वहीं इंजन है जो कभी ब्रिटिशकाल में इस रेल लाइन पर दौड़ा करता था। जानकारी अनुसार रेलवे द्वारा ट्रायल के लिए रेवाड़ी से विशेष स्टाफ भी बुलवाया गया है, ऐसे में ट्रायल के सफल रहने पर इस इंजन को पालमपुर-पपरोला के मध्य चलाए जाने की प्रस्तावना है। 

कुछ दिन पूर्व ही पालमपुर लाया गया था इंजन
स्टीम इंजन को कुछ दिन पूर्व ही पालमपुर लाया जा चुका था, ऐसे में मंगलवार को रेलवे द्वारा पालमपुर-पपरोला स्ट्रैच पर इसका ट्रायल किया गया। बताया जा रहा है कि उक्त इंजन के बुश मैदानी क्षेत्रों की आवश्यकता के अनुसार फिट किए गए हैं परंतु पहाड़ पर तीखे मोड़ों पर ये बुश चटक गए, ऐसे में अब इसे पहाड़ी रेल लाइनों के अनुसार फिट कर पुन: ट्रायल किया जाएगा। 

10 दिन बाद पुन: किया जाएगा ट्रायल 
ए.डी.एम.ई. जितेंद्र सिंह ने बताया कि स्टीम इंजन का ट्रायल किया गया परंतु बुश टूट जाने के कारण इंजन को डीजल इंजन के सहारे वापस लाना पड़ा। उन्होंने बताया कि अब बुश दोबारा फिट कर लगभग 10 दिन बाद पुन: ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान रेलवे अधिकारी देसराज व नाजिर हुसैन भी उपस्थित रहे।


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