अब किश्ती में नहीं जाना पड़ेगा बाबा गरीब नाथ मंदिर

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Sunday, October 22, 2017-1:39 PM

बंगाणा: गोबिंदसागर झील का जलस्तर कम होने से पानी में घिरे बाबा गरीब नाथ के मंदिर को जाने के लिए अब किश्ती का सहारा नहीं लेना पड़ेगा क्योंकि मंदिर को जाने वाला रास्ता पानी उतरने से क्लीयर हो गया है। गत 2 माह पहले झील का जलस्तर बढऩे से बाबा गरीब नाथ का मंदिर बरसात के दौरान चारों तरफ पानी बढ़ने से घिर गया था जिससे मंदिर आने जाने के लिए श्रद्धालुओं को किश्ती का सहारा लेकर जाना पड़ता था। उल्लेखनीय है कि मंदिर के मुख्य द्वार पर लगी भगवान शिव भोले नाथ की विशाल प्रतिमा को गोबिंदसागर झील का पानी स्पर्श करता है जिससे मंदिर की एक मंजिल पानी में डूब जाती है। मंदिर को चारों तरफ से पानी में घिरा देखकर श्रद्धालुओं की आमद में वृद्धि हो जाती है। 
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सुविधाओं के अभाव में परेशान होते हैं श्रद्धालु
मंदिर प्रबंधक कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु लंगर व ठहरने की व्यवस्था की गई है। रायपुर के समीप बाबा गरीब नाथ मंदिर के विहंगम दृश्य को देखते हुए विगत कई वर्षों से मंदिर परिसर के समीप वाटर स्पोर्ट्स सैंटर बनाने की प्रपोजल बनाई गई लेकिन वह सियासत के चलते अभी तक सरकार की फाइलों में ही सिमट कर रह गई है। झील का जलस्तर बढ़ने से झील में छोटे-छोटे टापूओं को देखकर हर कोई वहां जाने को आकर्षित होता है। यहां पर हर वर्ष नेवल यूनिट चंडीगढ़, पंजाब, जे.एड के. व बिलासपुर द्वारा एन.सी.सी. कैडेट्स के प्रशिक्षण शिविर के दौरान कैडेट्स मंदिर परिसर में ठहरते हैं लेकिन झील के तट पर सुविधाओं के अभाव में परेशान होते हैं।


पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित हो मंदिर 
बी.डी.सी. बंगाणा की अध्यक्ष एवं रायपुर बी.डी.सी. वार्ड से सदस्य मीना चौधरी का कहना है कि अंदरोली के बाबा गरीब नाथ मंदिर को धार्मिक पर्यटक स्थल के तौर पर उभारना चाहिए। यहां सुविधाएं बढ़ने से श्रद्धालुओं सहित बाहरी स्थानों से आने वाले पर्यटकों को वोटिंग की सुविधाएं मिलने से अच्छा पर्यटक स्थल नजदीक मिल सकता है। 

 

 


 

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