निर्भया कांड : वारदात के अढ़ाई महीने बाद भी खुले में घूम रहे दरिंदे

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Friday, July 14, 2017-10:53 PM

कुल्लू: भुंतर में बीते 29 अप्रैल को हुए निर्भया कांड को लेकर पुलिस के प्रति लोगों में आक्रोश है। लोग निर्भया के परिजनों के लिए इंसाफ  की मांग करते हुए दरिंदों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। अढ़ाई महीने का लंबा समय बीतने के बाद भी दरिंदे पुलिस की पहुंच से अभी दूर हैं। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वालों का यूं खुले घूमना समाज के लिए घातक माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि वे दरिंदे चाहे कहीं भी हों, समाज के लिए खतरा बनकर फिर रहे होंगे। ठियोग में गुडिय़ा को इंसाफ  दिलाने के लिए लोग जिस तरह सड़कों पर उतरे और पुलिस व प्रशासन के प्रति जिस तरह शुक्रवार को लोगों का गुस्सा फूटा उससे कुल्लू में भी निर्भया के लिए इंसाफ  की मांग जोर पकडऩे लगी है। 

पुलिस इस वारदात में खाली हाथ क्यों बैठी?
लोग इस बात को लेकर भी हैरान हैं कि आखिर अढ़ाई महीने के बाद भी पुलिस इस वारदात में खाली हाथ क्यों बैठी हुई है। वारदात को लेकर हालांकि मानवाधिकार आयोग ने भी मामला दर्ज कर रखा है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट भी तलब की हुई है। मामला इतना उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद भी पुलिस की चुप्पी कई इशारे कर रही है। पुलिस ने मामले में कुछ दिन पहले एक युवक को हिरासत में लेने के बाद डी.एन.ए. सैंपल लेकर उसे रिहा कर दिया था। इसके अलावा पुलिस की ओर से मामले के दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में खास कदम न उठाए जाने की प्रक्रिया भी कई सवाल खड़े कर रही है।

ब्यास के किनारे मिली थी बच्ची
29 अप्रैल को लापता होने के बाद 8 साल की बच्ची अगले दिन ब्यास के किनारे खून से लथपथ हालत में मिली थी। हालांकि बच्ची के परिजन रात को ही पुलिस थाना भुंतर में बच्ची को ढूंढने के लिए मदद मांगने गए थे लेकिन पुलिस ने महज गुमशुदगी की रपट दर्ज करके खानापूर्ति कर दी। दूसरे दिन जब बच्ची ब्यास के किनारे मिली तो अस्पताल पहुंचने पर उसने दम तोड़ दिया। फोरैंसिक लैब से रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। वारदात को लेकर दुष्कर्म और हत्या के केस दर्ज हैं। 

फुटेज के सहारे पुलिस
भुंतर बाजार के विभिन्न हिस्सों से सी.सी.टी.वी. फुटेज के सहारे पुलिस अभी जांच को आगे बढ़ा रही है। धुंधली फुटेज को जांच के लिए अमरीका की एक लैब में भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट का अभी पुलिस को इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के चेहरे साफ  हो गए तो पुलिस उन तक कैसे पहुंचेगी, यह देखना होगा। वारदात को कितने लोगों ने अंजाम दिया है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फुटेज में एक युवक और महिला के साथ बच्ची दिख रही है लेकिन मौका-ए-वारदात पर कितने लोगों ने इस संगीन जुर्म को अंजाम दिया, इस पर पुलिस भी माथापच्ची तो कर रही है लेकिन मामले की तह तक नहीं पहुंच सकी।

झुग्गियों से एक किलोमीटर दूर मिली थी बच्ची
वारदात के बाद बच्ची ब्यास के किनारे जिस जगह मिली थी, वह जगह उन झुग्गियों से करीब एक किलोमीटर दूर है, जहां बच्ची रहती थी। फुटेज के मुताबिक दरिंदे बच्ची को डफडंबर ब्रिज से होते हुए मौका-ए-वारदात तक लेकर गए थे। 

....तो सड़कों पर उतरेंगे लोग
इस मामले पर दोषियों की धर-पकड़ के लिए पुलिस को घेरने वाली हिमाचल बचाओ किसान बचाओ संस्था के पदाधिकारी देशराज, इससे जुड़ी अन्य संस्थाओं, पंचायत समिति सदस्य रेणुका डोगरा, प्रदेश महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष अम्बिका सूद, पंचायत समिति सदस्य ओम प्रकाश, मीना शर्मा, शिक्षाविद् दयानंद सारस्वत, भाजपा के जिला वरिष्ठ मीडिया प्रभारी खुशाल सिंह राठौर, ग्रीन हिमालयन सोसायटी के अध्यक्ष सुदर्शन ठाकुर, डा. रमेश ठाकुर, छेउंर पंचायत प्रधान कमला देवी, उपप्रधान नंद लाल, पूर्व प्रधान आशा शर्मा, देवेंद्र शर्मा, चोंग के प्रधान राम लाल, उपप्रधान दुनी चंद, पूर्व प्रधान गुड्डी देवी, रतोचा के उपप्रधान दुनी चंद व कुल्लू के  बुद्धिजीवियों ने कहा कि अढ़ाई महीने बाद भी वारदात के दोषियों का न पकड़ा जाना पुलिस की नाकामी है।  यदि जल्द निर्भया को इंसाफ  न मिला तो सड़कों पर उतर कर उसके लिए इंसाफ  मांगा जाएगा।

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