अवैध डंपिंग मामले को लेकर अब एन.जी.टी. 6 मार्च को करेगा सुनवाई

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Saturday, January 13, 2018-11:43 AM

बिलासपुर: कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी द्वारा की जा रही कथित अवैध डंपिंग मामले को लेकर नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में चल रहे केस में कंपनी की ओर से सुरजीत सिंह ने कंपनी का राइट ऑफ वे प्लान तथा एफिडेविट भी पेश किया, जिसमें बताया गया कि निर्माण के दौरान निकलने वाली मिट्टी व पत्थरों को कंपनी सड़क निर्माण में ही प्रयोग करती है तथा कंपनी ने भूमि मालिकों की सहमति पर ही डंपिंग की है और पर्यावरण से किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नहीं की। वहीं कंपनी ने सड़क की चौड़ाई का भी जिक्र अपने राइट ऑफ वे प्लान में किया है, जिसमें संबंधित सड़क की चौड़ाई का किलोमीटर वाइज पूरा आंकड़ा दिया गया है। 

अवैध डंपिंग मामले की 6 मार्च को होगी सुनवाई
उधर, शिकायतकत्र्ता फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासिचव मदन लाल शर्मा ने कंपनी द्वारा पेश किए गए राइट ऑफ वे प्लान और सड़क की चौड़ाई का आकलन करने के लिए माननीय ट्रिब्यूनल से समय की मांग की। शर्मा ने बताया कि माननीय ट्रिब्यूनल ने समिति की मांग को स्वीकार करते हुए अब इसकी सुनवाई 6 मार्च को निर्धारित की है। गौरतलब है कि गत 20 दिसम्बर को हुई सुनवाई में माननीय ट्रिब्यूनल ने कंपनी को 11 जनवरी को अपना प्लान कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे जिस पर गत दिवस हुई सुनवाई में कंपनी ने अपना राइट ऑफ वे प्लान तथा एफिडेविट पेश किया। 


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