Watch Video: नड्डा ने अनुराग से कहा थैंक्यू, बोले- मिलकर लड़ेंगे

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Sunday, April 9, 2017-9:40 AM

धर्मशाला: हम भी चल रहे हैं और टी.बी. भी, इस हालत में किसी को तो रुकना ही होगा। अब रुकना है तो टी.बी. रुके हम क्यों रुकें। ये शब्द केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने एच.पी.सी.ए. स्टेडियम के सभागार में आयोजित टी.बी. मुक्त भारत शिखर सम्मेलन के समापन अवसर पर कहे। उन्होंने कहा कि पहली बार टी.बी. को लेकर भारत में इस तरह का अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ है और इसका सारा श्रेय सांसद अनुराग ठाकुर को जाता है। उन्होंने अनुराग ठाकुर को इस तरह का प्रयास करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह एक युवा नेता की सकारात्मक सोच का परिणाम है कि सारी दुनिया को टी.बी. जैसी घातक बीमारी के बारे में जानने और जागरूक होने का मौका मिलेगा। 

बॉलीवुड स्टार्स का किया धन्यवाद
उन्होंने टी.बी. बनाम इंडिया क्रिकेट मैच में भाग लेने आए बॉलीवुड स्टार्स का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि फिल्मी सितारे किसी भी संदेश को बहुत लोगों तक पहुंचाने में सक्षम हैं। पी.एम. नरेंद्र मोदी के टी.बी. मुक्त भारत अभियान से जुड़कर यह फिल्मी सितारे टी.बी. जैसी घातक बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने में सरकार की भरसक मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि वैश्विक सम्मेलन के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष, 2030 तक दुनिया को टी.बी. मुक्त करने का लक्ष्य रखा लेकिन भारत ने इस बीमारी को खत्म करने के लिए वर्ष 2025 का लक्ष्य निर्धारित किया क्योंकि भारत को अपने प्रयासों और क्षमता पर भरोसा है। 

2025 तक भारत बन सकता है टी.बी. मुक्त देश 
उन्होंने कहा कि हम पहले भी एच.आई.वी. एड्स और मलेरिया जैसे रोगों को रोकने और उन्हें कम करने में सफल रहे हैं। अब जरूरत है तो सभी को मिलकर इस दिशा में काम करने की और वर्ष 2025 तक भारत टी.बी. मुक्त देश बन सकता है। इससे पहले भी देश में टी.बी. के खात्मे को लेकर अभियान चलाए गए। आर.एन.टी.सी.पी. नाम का अभियान इस दिशा में अब तक का सबसे बड़ा अभियान था। इस अभियान के बाद हमने काफी हद तक टी.बी. को रोकने में सफलता भी हासिल की लेकिन जो कमी उस अभियान में रही अब उसे भी दूर किया जाएगा। 

नैशनल स्ट्रैटेजी प्रोग्राम होगा तैयार
उन्होंने कहा कि टी.बी. नहीं थमा है तो हमें भी अपनी रणनीति बदलनी होगी। इसलिए जल्द ही टी.बी. की रोकथाम के लिए नैशनल स्ट्रैटेजी प्रोग्राम तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार टी.बी. उन्मूलन के लिए गंभीरता से कार्य करेगी लेकिन राज्यों को भी इस अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। राज्य सरकारों के सकारात्मक सहयोग के बिना केंद्र सरकार को इस अभियान को सफल बनाने में दिक्कतें पेश आएंगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम असर जरूर डालते हैं। उन्होंने कॉर्पोरेट घरानों और अन्य को भी भारत सरकार के इस कार्य में सहयोग देने की अपील की। 

निजी स्वास्थ्य संस्थानों निभा रहे दायित्व
उन्होंने खुशी जताई कि निजी स्वास्थ्य संस्थानों ने भी टी.बी. के मरीजों का पंजीकरण शुरू किया है। इसके बाद टी.बी. रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है लेकिन यह चिंता नहीं बल्कि खुशी का विषय है कि निजी स्वास्थ्य संस्थान भी अपना दायित्व निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने स्वास्थ्य बजट को 27.7 फीसदी करके इस दिशा में उठाए जाने वाले कदमों को आसान कर दिया है। बजट बढऩा जरूरी है लेकिन उससे भी जरूरी है सही दिशा में उस बजट को खर्च करना और भारत सरकार ने स्वास्थ्य बजट को स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च करने की कार्य योजना बनाई है।

मंच पर नहीं बोले अनिल शर्मा 
इस शिखर सम्मेलन में प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा भी मंच पर मौजूद रहे। जब उनका नाम संबोधन के लिए लिया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। इस शिखर सम्मेलन में अनुराग ठाकुर, गुरप्रीत सिंह घुग्गी के अलावा अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों और विभिन्न अस्पतालों के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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