चालकों की जिंदगी के लिए काल बनी LED लाइटें, कारण जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

  • चालकों की जिंदगी के लिए काल बनी LED लाइटें, कारण जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर
You Are HereHimachal Pradesh
Saturday, November 18, 2017-3:42 PM

कुल्लू : प्रदेश में अलग-अलग रंगों की चमचमाती एलईडी लाइट्स देखने में तो बहुत खूबसूरत लगती हैं, लेकिन यह हमारी नाजुक अांखों के लिए बहुत ही घातक साबित हो सकती है। इसकी तीखी रोशनी सीधे आंखों में पड़ती है जिस कारण कुछ देर के लिए आंखों में अंधेरा छा जाता है। जिस कारण हादसों की आशंका बढ़ जाती है। बताया जा रहा है कि गाड़ियों में लगी एलईडी लाइट्स जब आंखों में पड़ती है तो खारिश, जलन समेत एलर्जी के अन्य लक्षण पनपते है।  कुल्लू में मोटर व्हीकल एक्ट को ताक पर रखकर ऑटो, बाइक, वैन, कार, बस, ट्रक समेत अन्य वाहनों की लाइटें अपने स्तर पर बदली जा रही हैं। क्षेत्रीय अस्पताल के नेत्र विभाग में तैनात वरिष्ठ नेत्र विज्ञान अधिकारी कर्ण सिंह गुलेरिया कहते हैं कि ऐसी लाइट्स कोमल आंखों पर विपरीत प्रभाव डालती हैं। 

इन लाइटों को तुरंत हटाया जाए
संवेदनशील आंखें तीखी लाइट पड़ने से 30 सेकेंड के लिए ब्लैकआउट हो जाती हैं। पिछले कुछ समय से निजी व व्यावसायिक वाहन चालक आंखों में तकलीफ होने की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। आंखों में एलर्जी से परेशान चालकों को जांचने पर पता चला है कि उन्हें विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों की तीखी रोशनी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा लगातार जारी रहने से आंखों को और भी नुकसान हो सकता है। उधर, एएसपी कुल्लू निश्चिंत सिंह नेगी ने कहा कि वाहनों में अतिरिक्त लाइटें लगाना मोटर व्हीकल अधिनियम का उल्लंघन है। इन लाइटों को तुरंत हटाया जाना चाहिए अन्यथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके विपरीत जो लाइटें चालक अपने स्तर पर लगा रहे हैं, वह सस्ती होने के साथ साथ बेहद तेज रोशनी देती हैं। चूंकि इन लाइटों इस्तेमाल वाहनों के लिए नहीं होता, ऐसे में इनके दुरुपयोग से आंखों को नुकसान होता है। 

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!