Watch Pics : मंडी की ऊंची चोटियों पर भारी हिमपात, 50 पंचायतों का कटा संपर्क

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Tuesday, December 12, 2017-7:42 PM

मंडी: जिला की ऊंची चोटियों में मंगलवार सुबह पहली भारी बर्फबारी हुई जिससे बरोट, जंजैहली, गाड़ागुशैणी व कमरूघाटी बर्फ से ढक गई हैं। सराज के छत्तरी, बागाचुनोगी, कहल्णी, सोमगाड़, स्पेहणीधार, बुगजहल गाड़ व थाटा सहित अन्य क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो रही है जिससे सराज क्षेत्र के लोगों का जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। जिला की करीब 50 पंचायतों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है जिसमें सबसे ज्यादा बालीचाकी व सराज विकास खंड की हैं। बरोट में भी पहली बर्फबारी से दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल शेष प्रदेश से कट गया है। बस सेवा बरोट तक चालू रही तथा छोटा भंगाल बड़ा गांव तक बस नहीं जा सकी। समूचे जिला में शीतलहर का प्रकोप है। सोमवार देर शाम से लगातार हो रही बारिश से तापमान में भारी गिरावट आ गई है। मंगलवार को दिनभर निचले इलाकों में वर्षा का क्रम चलता रहा, वहीं ऊंचाई वाले स्थानों में केवल सुबह के वक्त बर्फ के फाहे गिरे। 
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शिकारी देवी में 2 और कमरूनाग में 1 फुट बर्फबारी 
सराज क्षेत्र की ऊंची चोटी बड़ा देव कमरूनाग और माता शिकारी देवी की पहाड़ी में भारी बर्फबारी हो रही है। शिकारी देवी में 2 फुट और कमरूनाग में करीब 1 फुट बर्फ गिरने का समाचार है। कमरूघाटी की करीब एक दर्जन पंचायतों में सोमवार रात से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी जोकि मंगलवार प्रात: बहाल कर दी गई। इसके अलावा लो.नि.वि., आई.पी.एच. और विद्युत विभाग ने बर्फबारी से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सी.एल. ठाकुर ने कहा कि विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बर्फबारी से निपटने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। लो.नि.वि. के सहायक अभियंता विश्वजीत सिंह ने कहा कि विभाग बर्फबारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। एस.डी.एम. गोहर राघव शर्मा और एस.डी.एम. जंजैहली अश्विनी कुमार ने कहा कि क्षेत्र में बर्फबारी में कमरूनाग और शिकारी देवी मंदिर जाने वाले लोगों के लिए सभी प्रमुख रास्तों पर चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं। 
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बर्फबारी ने बचाई देव कमरूनाग के गुर की गद्दी
बर्फबारी होने से देव समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है और किसानों-बागवानों ने राहत की सांस ली है। पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होने से पिछले कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के चेहरे पर रौनक आ गई है। अब किसान गंदम की बिजाई शुरू करेंगे और सेब बागवान भी बगीचों में जुट जाएंगे। बारिश के लिए देव कमरूनाग और देव लटोगली के दरबार में किसानों-बागवानों ने गुर के माध्यम से देवताओं से बारिश की गुहार लगाई थी। इस दैरान देव कमरूनाग के गुर लीलमणी की कुर्सी पर खतरा मंडरा गया था लेकिन बारिश होने से अब देव कमरूनाग के गुर की गद्दी बच गई है। 
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