स्वास्थ्य विभाग ऐसे कर रहा लोगों की सेहत से खिलवाड़

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Saturday, November 18, 2017-8:59 PM

मंडी: प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी सप्लाई से ही मरीजों की सेहत से खिलवाड़ करते हुए गलत दवाई बांट दी है। इस बात की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। हिमाचल सरकार द्वारा डाईसाइक्लोमाइन नाम की दवाई दी जा रही है, जिसका नाम अलग है व उसमें साल्ट अलग है, साथ ही उसमें साल्ट की मात्रा अलग डाली गई है। जिस कारण मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। चिकित्सक भी इस बात से परेशान हैं कि इस दवाई को देने के बाद भी मरीजों को दवाई का कोई असर नहीं हो रहा है। 

पेट दर्द के लिए है दवाई
यह दवाई पेट दर्द के लिए है और दवाई हिमाचल सरकार द्वारा सप्लाई की जा रही है, साथ ही इसमें नॉट फॉर सेल लिखा गया है। जिससे साफ जाहिर है कि यह दवाई हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को नि:शुल्क दी जा रही है। इसके बारे में चिकित्सकों का भी यही कहना है कि यह दवाई गलत है। इस दवाई में जो साल्ट (डैक्सामिथेसन) डाला गया है वह गलत है जोकि इस दवाई में नहीं पडऩा है। इसके साथ ही जो इसमें साल्ट की मात्रा बताई गई है, वह भी अलग है।  इस दवाई में साल्ट की मात्रा इतनी अधिक नहीं होनी चाहिए। 

दवाई के लिए जाएंगे सैंपल
विभाग को हालांकि इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है लेकिन इसके बावजूद इस दवाई के बारे में पता करने के लिए प्रदेश के सभी ड्रग इंस्पैक्टरों को बोला गया है। यह दवाई मिस ब्रांडिंग है लेकिन अभी इस दवाई का यह पता नहीं चल पाया है कि यह दवाई किस जिला में दी जा रही है। दवाई का पता चलते ही इसके सैंपल लिए जाएंगे, उसके बाद ही इसके बारे में जानकारी प्राप्त हो सकती है। असिस्टैंट ड्रग कंट्रोलर हिमाचल प्रदेश मनीष कपूर ने इस बात की पुष्टि की है। 

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