गुम्मा बस हादसे के बाद यात्रियों के छूट रहे पसीने, मन में बैठा इस बात का डर

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Friday, April 21, 2017-2:17 PM

कुल्लू: गुम्मा के समीप हुए बस हादसे से हिमाचल के यात्रियों की रूह कांप उठी है, ऐसे में कुल्लू के यात्री भी अपने आपको बसों में असुरक्षित मान रहे हैं। यहां के करीब सभी रूटों पर बस चालकों में आपसी होड़ लगी रहती है। यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। बताया जाता है कि निजी बस चालक तय समय से काफी देर तक यात्रियों का इंतजार करते रहते हैं, जब तक बस के अंदर तिल धरने को भी जगह नहीं रहती।

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...तो खूनी खेल से कोई नहीं बच सकता
कुल्लू-पाहनाला, कुल्लू-ब्यासर, कुल्लू-बिजली महादेव, कुल्लू-खनीपांद, कुल्लू-पीज व कुल्लू-भल्याणी आदि ऐसे रूट हैं जो बेशक हिमाचल पथ परिवहन निगम और निजी बस मालिकों की झोली तो भर देते हैं लेकिन इन पर यात्रियों की सुरक्षा का कोई जिम्मा नहीं है। न तो अतिरिक्त बसों का प्रावधान किया जा रहा है और न ही सड़कों की दशा सुधारी जा रही है पैरापिट तो दूर की बात रही। ऐसे में यदि सड़क पर बस पलट गई तो खूनी खेल से कोई नहीं बच सकता। 


बस की स्पीड कम करने को लेकर चालक और परिचालक यात्रियों को देते हैं ऐसे जवाब
दर्जनों ब्लैक स्पॉट तो चिन्हित हो चुके हैं लेकिन इनकी कोई भी खबर नहीं ली जा रही है। यात्रियों रवि ठाकुर, फतेह सिंह, टेढ़ी सिंह, निर्मला देवी, रुतिका, कला देवी व मणि देवी आदि का कहना है कि बस में यात्रा करना उनकी मजबूरी रहती है। बस चालक और परिचालकों को जब स्पीड कम करने को कहा जाता है तो वे सीधे तौर पर यात्रियों को बस से उतरने को कहते हैं। 

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