काले अक्षरों में लिखे जाएंगे वीरभद्र सरकार के पांच साल

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Sunday, November 12, 2017-5:15 PM

बिलासपुर: वीरभद्र सरकार के पांच साल हिमाचल के इतिहास में काले अक्षरों से लिखे जाएंगे। कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को माफिया, अपराधों, गंडागर्दी, कुशासन और अप्रजातंत्रीय कार्यों से गर्त में पहुंचा दिया है। यह आरोप अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व राज्य प्रधान गोपालदास वर्मा ने लगाए हैं।

झूठे मामलों में फंसाना वीरभद्र की आदत
उन्होंने बताया कि झूठ फरेब, हेराफेरी अपने किए वायदों से मुकरना, विरोधियों पर झूठे केस दर्ज करवाना और सत्ता का दुरुपयोग करके उन्हें विभिन्न मामलों में फंसाना वीरभद्र सरकार की कथित आदत है। इससे प्रदेश की जनता में सीएम की साख कमजोर हुई है। उन्होंने कहा इस बार का चुनावी नतीजा पुराने सारे रिकार्ड तोडऩे वाला होगा।

कर्मचारियों ने वीरभद्र सरकार के खिलाफ किया रिकार्ड मतदान
उन्होंने बताया, हिमाचल प्रदेश में इस बार रिकार्डतोड़ मतदान हुआ है। कर्मचारियों, पेंशनर्स, बेरोजगार युवा वर्ग, श्रमिकों और समाज के अन्य वर्गों ने वीरभद्र सिंह की सरकार के खिलाफ रिकार्ड तोड़ मतदान किया है।  उन्होंने आरोप दागते हुए बताया कि प्रदेश सरकार ने शिमला में सचिवालय को सेवानिवृत्त अधिकारियों के हवाले छोड़ दिया है। 

कांग्रेस नहीं पार कर पाएगी आठ का आंकड़ा
दूसरी और भाजपा हाईकमान के द्वारा प्रेम कुमार धूमल को सीएम कैंडिडेट घोषित करने से चारों तरफ प्रसन्नता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का आंकड़ा आठ भी क्रॉस नहीं कर पाएगा जबकि भाजपा पचास प्लस का आंकड़ा पार करेगी।

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