भीषण अग्निकांड : राख के ढेर में बदले 7 आशियाने, लाखों का नुक्सान

  • भीषण अग्निकांड : राख के ढेर में बदले 7 आशियाने, लाखों का नुक्सान
You Are HereHimachal Pradesh
Thursday, October 12, 2017-8:28 PM

शिमला/जुब्बल: शिमला जिला के जुब्बल थाना के अंतर्गत ग्राम पंचायत मांदल के गांव पुजारली में वीरवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक आग लग गई। इस आग ने गांव के करीब 7 घरों को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते सारा सामान जलकर राख हो गया। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है लेकिन इस घटना में लाखों रुपए की सम्पत्ति जलकर राख हो गई। आग की चपेट में आए सभी लकड़ी निर्मित घर एक ही कतार में थे जिस वजह से आग तेजी से भड़की और इस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका। बताया जा रहा है कि दमकल वाहनों के देरी से पहुंचने की वजह से आग पर काबू पाने में समय लगा और देखते ही देखते 7 घर राख के ढेर में तबदील हो गए। इस भीषण आग पर नियंत्रण पाने में 3 से अधिक घंटे लग गए।

तन पर पहने कपड़ों के सिवा कुछ नहीं बचा
अग्निकांड की सूचना मिलते ही जुब्बल थाने से पुलिस का दल और एस.डी.एम. रोहड़ू घनश्याम दास शर्मा सहित प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची तथा राहत कार्यों को अंजाम दिया। फिलहाल आग लगने की वजह का पता नहीं लग सका है। कयास लगाए जा रहे हैं कि शार्ट सर्किट की वजह से यहां आग लगी है। इधर, राजस्व विभाग के अधिकारी हालात का जायजा ले रहे हैं। इस हादसे के शिकार गांव के 7 परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। उनके तन पर जो कपड़े थे वही बच पाए हैं। अनाज, कपड़े, घरेलू सामान, गहने व चारपाई आदि सभी आग की भेंट चढ़ गए।

अग्निपीड़ितों में ये हैं शामिल 
आग की घटना जिन लोगों के घर जलकर राख हुए है उनमें  बृज लाल पुत्र रामानंद शर्मा, हरि लाल पुत्र रामानंद शर्मा, सुनीता देवी धर्मपत्नी बसंत लाल, चंद्र प्रकाश पुत्र गोपाल, ज्ञान सिंह पुत्र गोपाल, ठाकुर दास पुत्र चरणदास और रोशन लाल पुत्र चरणदास शामिल हैं।

मौके पर पहुंचे पूर्व बागवानी मंत्री 
इस अग्निकांड से प्रभावित हुए परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घटनास्थल पर पहुंचे पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावितों को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए। यहां के स्थानीय लोगों का आरोप है कि अग्रिशमन की गाडिय़ां समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंचीं जिस वजह से सारे घर आग की भेंट चढ़ गए। हालांकि लोगों ने पानी की बाल्टियां फैंक कर आग को बुझाने की अपनी तरफ से हरसंभव कोशिश की लेकिन आग इतनी भीषण थी कि यहां बाल्टियों द्वारा फैंका गया पानी नाममात्र ही साबित हुआ। बहरहाल पुलिस प्रशासन इस अग्निकांड की गहनता से छानबीन कर रही है। 

क्या कहते हैं एस.डी.एम. रोहड़ू
एस.डी.एम. रोहड़ू घनश्याम दास शर्मा ने बताया कि आग बुझाने के लिए रोहड़ू से 2 दमकल वाहन बुलाए गए। अभी तक 7 घर राख हुए हैं। प्रभावितों को 10,000 रुपए प्रति परिवार व अन्य जरूरी वस्तुएं प्रशासन की तरफ  से दी गई हैं। इसके अलावा पंचायत प्रधान से बातचीत करके प्रभावितों के रहने का इंतजाम भी किया गया है।

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!