प्रसिद्ध आदि हिमानी चामुंडा में इस वजह से सिरे नहीं चढ़ रही Ropeway योजना

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Wednesday, November 15, 2017-2:18 PM

धर्मशाला: बेशक सरकारें धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के दावे करती हैं लेकिन प्रदेश के कई धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए आज तक सुविधाजनक रास्ते नहीं बन पाए हैं। बेशक मंदिर के लिए कभी रोपवे तो कभी हैली टैक्सी के लिए कोशिशें हुईं लेकिन ये भी सिरे नहीं चढ़ी। कंड करडियाड़ा से होकर हिमानी चामुंडा के लिए रास्ता जाता है। इस रास्ते से हिमानी चामुंडा तक पहुंचने के लिए करीब 14 किलोमीटर की चढ़ाई चढऩी पड़ती है।
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कंपनी रोप-वे निर्माण को लेकर जरूरी दस्तावेजों को जमा नहीं करवा रही

कांगड़ा के प्रसिद्ध हिमानी चामुंडा मंदिर में रोप-वे निर्माण को लेकर कार्य करने वाली संबंधित कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगा है। खुद कंपनी रोप-वे निर्माण को लेकर जरूरी दस्तावेजों को जमा नहीं करवा रही है, जिसके कारण रोप-वे कार्य का सर्वे पूरा होने के बाद भी इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। उल्लेखनीय है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अढ़ाई साल पहले किया था, परंतु लंबा समय बीतने के बाद भी रोप-वे निर्माण कंपनी ने जरूरी दस्तावेज सरकार के पास जमा नहीं करवाए हैं।
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वन विभाग कर चुका है ज्वाइंट इंस्पैक्शन 
हालांकि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन रोप-वे निर्माण को लेकर आदि हिमानी की ज्वाइंट इंस्पैक्शन के कार्य को अंजाम दे चुका है लेकिन कंपनी द्वारा आवश्यक दस्तावेज जमा न करवाने के चलते रोप-वे निर्माण कार्य में देरी हो रही है। आदि हिमानी चामुंडा रोप-वे निर्माण के लिए चिन्हित भूमि में वन विभाग की भूमि सहित निजी भूमि भी है। रोप-वे के लिए चिन्हित की गई भूमि में 1500 के लगभग पेड़ हैं, जिनमें अधिक संख्या में चीड़ के पेड़ हैं। वन विभाग ने ऐसा प्रारूप तैयार किया है कि कम से कम पेड़ कटें और प्रारंभिक सर्वे के मुताबिक करीब 500 पेड़ इस प्रोजैक्ट में कटेंगे।

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