लाखों के खर्च के बाद भी हाल वही, लोगों को नहीं मिल रही ये सुविधा

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Friday, May 19, 2017-4:09 PM

बरठीं : हिमाचल प्रदेश में विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत पपलोआ की हजारों की आबादी के लिए बनाई गई गाह पपलोआ पेयजल योजना पर सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी लोगों के लिए पेयजल सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस कारण ग्रामीणों को छप्पड़ों व तालाब का गंदा पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कलोल वार्ड की जिला परिषद सदस्य बीना देवी, पपलोआ पंचायत की प्रधान प्रोमिला देवी, प्रेम सिंह, रचना देवी, कुंजू राम, राम दयाल, रणजीत सिंह ठाकुर, रतन सिंह परमार, निक्का राम व दौलत राम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों व अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण लोग पेयजल को तरस रहे हैं। लोगों ने बताया कि पंचायत के  गांव वैहल, कोट, बुहाड़, हरिजन बस्ती बडीन, गाह व गंडयाणा के लोगों को पंचायत में हैंडपंप न होने के कारण ग्रामीणों को 5 से 8 किलोमीटर दूर से अपने वाहनों के माध्यम से पानी लाना पड़ रहा है।

गर्मियों के कारण 50 प्रतिशत की गिरावट
लोगों ने बताया कि वे अधिकारियोंव कर्मचारियों के चक्कर काट कर थक चुके हैं और अब उन्होंने एस.डी.एम. झंडूता से भी अधिकारियों व कर्मचारियों की पानी न देने के लिए शिकायत की है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग उनकी पेयजल की शिकायत को अनसुना कर देता है। उधर, इस बारे में आई.पी.एच. विभाग के सहायक अभियंता सुरेश कुमार व कनिष्ठ अभियंता होशियार सिंह ने बताया कि पंचायत में पेयजल किल्लत उनके ध्यान में है। उन्होंने बताया कि पंचायत के लिए गाह से पानी लिफ्ट किया गया है, जिसमें गर्मियों के कारण 50 प्रतिशत की गिरावट आ गई है। प्रतिदिन की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाती है। स्रोत में पानी की कमी हो गई है जिस कारण पहले मशीन 3 घंटे पानी उठाती थी लेकिन पानी न होने के कारण अब मशीन मात्र 2 घंटे ही चल रही है जिस कारण यह समस्या पैदा हुई है। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारी उन्हें टैंकर लगाने के आदेश देते हैं तो पंचायत में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति पूरी की जाएगी।
 

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