शिक्षा विभाग ने लिया बड़ा फैसला, अब फर्जी शिक्षकों की अाएगी शामत

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Tuesday, September 12, 2017-12:09 PM

शिमला : सरकारी स्कूलों में बंक मारने व ड्यूटी सबलेट करने शिक्षकों की अब बड़ी शामत आने वाली है। क्योंकि प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि अब पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी शिक्षकों की फोटो नोटिस बोर्डों पर लगाई जाएंगी। कई जगह नियमित शिक्षकों की ओर से अपनी जगह टीचर रखने की शिकायतों के बाद विभाग ने यह फैसला लिया है। निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों, जिला परियोजना अधिकारियों व खंड शिक्षा अधिकारियों को कल इस मामले को लेकर निर्देश दिए कि नोटिस बोर्ड पर शिक्षकों की फोटो ऐसी होनी चाहिए कि बच्चे उन्हें पहचान सकें। कौन शिक्षक किस कक्षा में क्या विषय पढ़ाता है, इसकी भी जानकारी नोटिस बोर्ड पर दें। एक हफ्ते में आदेशों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए।

नोटिस बोर्ड पर शिक्षकों की फोटो
वहीं दूसरी ओर शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि उन्होंने एक हफ्ते के भीतर सभी जिला उपनिदेशकों से फोटो लगाने की रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब है कि बीते वर्ष से 9वीं से 12वीं कक्षाओं में नोटिस बोर्ड पर शिक्षकों की फोटो लगाई जा रही हैं। सूत्रों की माने तो प्रदेश के कुछ दुर्गम क्षेत्रों से सबलेटिंग पर शिक्षक रखने की शिकायतें मिल रही हैं। उनका कहना है कि घर बैठकर सरकार से मोटी पगार लेकर नियमित शिक्षक चंद रुपयों पर आगे शिक्षक रख रहे हैं।

9वीं से 12वीं के स्कूलों में पहले ही व्यवस्था
बताया जा रहा है कि इस तरह के मामले पहले भी सामने अाए हैं। इस फर्जीवाडे़ से जहां सूबे में शिक्षा का स्तर गिर रहा है, वहीं सरकारी नियमों की अवहेलना हो रही बीते साल जून महीने में तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान ने कुछ स्कूलों में सबलेटिंग पर शिक्षक रखे जाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया था। सरकार के ध्यान में मामला लाया गया और 9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में शिक्षकों के फोटो नोटिस बोर्ड पर लगाने के आदेश हुए। उस समय की गई जांच में प्रारंभिक स्कूलों में ऐसे मामले सामने नहीं आए थे।

अब लर्निंग आउटकम चार्ट के आधार पर पढ़ाई
एनसीईआरटी के आदेशानुसार शिक्षा विभाग ने चार्ट तैयार किया है। अब सरकारी स्कूलों में लर्निंग आउटकम चार्ट के आधार पर पढ़ाई होगी। चार्ट में स्पष्ट किया गया है कि किस कक्षा में पढ़ने वाले छात्र को विषय से संबंधित कितनी जानकारी होनी जरूरी है। इस चार्ट के अाधार पर बच्चों को जो शिक्षा दी जाएगी अभिभावक उसपर सीधी नजर रख सकेंगे। हर विषय और चैप्टर वाइज स्कूल में दी गई शिक्षा की जानकारी चार्ट के माध्यम से हर कक्षा में सार्वजनिक की जाएगी।

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