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शिक्षा विभाग ने स्कूलों को दिए निर्देश, अब स्टूडैंट से नहीं करवाया जाएगा यह काम

  • शिक्षा विभाग ने स्कूलों को दिए निर्देश, अब स्टूडैंट से नहीं करवाया जाएगा यह काम
You Are HereHimachal Pradesh
Monday, November 20, 2017-11:10 AM

शिमला: हिमाचल प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के स्कूलों को शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने इन स्कूलों में मिड-डे मील बनाने के लिए छात्रों को अब जंगलों से लकड़ियां लाने की प्रथा को बंद कर दिया है। उन्होंने यह निर्देश छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न होने के चलते दिए हैं। इस दौरान विभाग ने स्कूल प्रशासन को इसकी जगह दूसरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश के दूरदराज व पिछड़े इलाकों के स्कूलों में मिड-डे मील बनाने के लिए लकड़ी के ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है। इन स्कूलों में छात्रों से लकड़ियां इकट्ठी करवाई जाती हैं, ऐसे में स्कूली छात्र जंगल जाकर मिड-डे मिल बनाने के लिए लकड़ियां लाते हैं। 


विभाग ने शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी कर ये परंपरा रोकने के दिए निर्देश
इसके बाद स्कूलों में छात्रों को दोपहर का भोजन बनता है। विभाग ने सभी जिला उपनिदेशकों उच्च और प्रारंभिक व समस्त खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी कर ये परंपरा रोकने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक की ओर से ये निर्देश जारी किए गए हैं। गौर हो कि अभी भी प्रदेश के कई स्कूलों में मिड-डे मिल बनाने के लिए एल.पी.जी. गैस उपलब्ध नहीं करवाई गई है, ऐसे में स्कूलों में मिड-डे मिल बनाने के लिए क र्मचारियों को खासी दिक्कतें पेश आ रही हैं। 


मिड-डे मिल कर्मचारी ला रहे लकड़ियां
कई स्कूलों में मिड-डे मील कर्मचारी भी दोपहर का भोजन बनाने के लिए लकड़ियां ला रहें हैं। प्रदेश के कई दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में यह व्यवस्था है। मिड-डे मील कर्मी स्कूलों में कई दिनों के लिए लकडिय़ों की व्यवस्था करते हैं और इसके लिए विभाग द्वारा उन्हें ईंधन पर खर्च की जाने वाली राशि दी जाती है। कई स्कूलों में इसी तरह काम चलाया जा रहा है लेकिन अब मिड-डे मील बनाने के लिए स्कूलों में घरेलू गैस उपलब्ध करवाने की मांग की जा रही है।
 


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