गुडिय़ा प्रकरण: सीआईडी के निशाने पर अब डॉग स्कॉयड

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Friday, November 24, 2017-7:43 PM

शिमला: गुडिय़ा रेप और मर्डर केस के तथ्यों को खंगाल रही सीबीआई की रडार पर सीआईडी आ गई है। सीबीआई ने सीआईडी के डॉग स्कॉयड के मेंबर्स से पूछताछ की। डॉग स्कॉयड गुडिय़ा का शव जंगल में मिलने के बाद सुबूत जुटाने के लिए गया था। सीबीआई जांच ने अपनी जांच में पाया कि डॉग स्कॉयड की टीम ने सुबूत जुटाने को लेकर लापरवाही बरती थी। अब सीबीआई ने जांच करने के लिए सीआईडी को अपने निशाने पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।  

वीरवार को फिर सुनवाई टल गई
उधर गुडिय़ा गैंगरेप और मर्डर केस से जुड़े कोटखाई पुलिस स्टेशन लॉकअप हत्याकांड मामले में वीरवार को फिर सुनवाई टल गई। पिछली बार की तरह इस बार भी आरोपियों की तरफ से कोर्ट में वकील पेश नहीं हुए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 25 नवंबर को होगी। इन मामले में आई.जी. जैदी, एस.पी. डी.डब्ल्यू. नेगी व डी.एस.पी. मनोज जोशी सहित अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। सभी आरोपी कंडा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। बता दें कि आज आईजी जैदी के वॉइस टेस्ट को लेकर सुनवाई होनी थी। 

18 जुलाई को कोटखाई थाने हुई थी आरोपी सूरज की मौत
गुडिय़ा केस मेंं पकड़े गए एक आरोपी सूरज की बीते 18 जुलाई को कोटखाई थाने में मौत हो गई थी। इस मामले में सबसे पहले सी.बी.आई. ने गुडिय़ा मामले की जांच को लेकर गठित एस.आई.टी. के सभी 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच एजैंसी ने बीते 16 नवम्बर को जिला शिमला के पूर्व एस.पी. नेगी को गिरफ्तार कर लिया था। जब लॉकअप हत्याकांड मामला सामने आया था तो उस दौरान डी.डब्ल्यू. नेगी जिला शिमला के एस.पी. थे। सूत्रों की मानें तो सी.बी.आई. जांच में उभर कर सामने आया है कि पुलिस लॉकअप में हुई सूरज की मौत को लेकर पुलिस अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी केस बनाया। 

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