गैर कानूनी होने के बावजूद ट्रिपल तलाक जारी, चंबा में सामने आया मामला

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Sunday, September 10, 2017-10:57 AM

चंबा : मुस्लिम समुदाय में चलती आ रही तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक लगाने के बाद चंबा में एक मुस्लिम महिला को उसके शौहर ने घर के कुछ सदस्यों के साथ बैठकर कथित सहमति से तलाक दे दिया। बता दें कि 10 माह का बच्चा साथ लेकर न्याय मांगने के लिए इस महिला ने नारी अदालत के जागोरी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है। पीड़िता ने बताया मेरी गैर मौजूदगी में एक तरफा तलाक देने वाले उसके पती  ने एक नाबालिग युवती से निकाह भी कर लिया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक जिस दिन से उसे इस एक तरफा तलाकनामे की इत्तला दी गई है, वह बेहद परेशान है। दरअसल, अदालत ने एक तरफा तलाक को गैर कानूनी करार देते हुए महिला को उसके घर पर रहने का फैसला सुनाया है। अदालत यह भी देख रही है कि तलाकनामे की तारीख सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से पहले की है या बाद की।

नारी अदालत ने दिया ये फैसला
पीड़ित महिला ने अदालत को बताया जब उसे अगस्त माह में तलाकनामा हो जाने की इत्तला दी गई। उसके शौहर ने घर के चार अन्य लोगों की सहमति की दलील देकर कहा है कि अब वह उसकी बीवी नहीं रही और उसने एक  नाबालिग युवती से निकाह कर लिया है। वहीं दूसरी ओर महिला का कहना है कि दस महीने के बच्चे को लेकर कहां जाए। यदि घर पर बैठकर ऐसे फरमान सुनाए जाने लगे तो महिलाओं के साथ अन्याय की रिवायत चल पड़ेगी। महिला की दलीलें सुनने के बाद नारी अदालत ने कहा पीड़िता अपने घर पर ही रहेगी। घरेलू तलाक गैर कानूनी है और इस मामले की पूरी तहकीकात होगी । जिसमें नाबालिग का मेडिकल भी होगा। दोष साबित होने पर कठोर कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी। 
 

इस मामले की जांच शुरु
मामले की जांच की जाएगी और दोष साबित होने पर कठोर कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी। नारी अदालत ने कहा कि इसकी पूरी तहकीकात की कड़ी में उस युवती का मेडिकल भी शामिल होगा । जिलाधीश चंबा सुदेश मोख्टा ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसी बात है तो मामले की निष्पक्षता से जांच की जाएगी। नारी अदालत जागोरी की परियोजना समन्वयक उमा कुमारी ने बताया कि इस मामले को लेकर जांच की जा रही है।

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