डलहौजी में अवैध रूप से चल रहे 15 होटलों का वजूद खतरे में

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Tuesday, January 9, 2018-5:46 PM

चंबा (विनोद): धर्मशाला व मनाली के बाद अब डलहौजी में अवैध रूप से चल रहे होटलों के खिलाफ कार्रवाई की गाज गिरने वाली है। इसके लिए जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो साथ ही पर्यटन विभाग के निदेशालय को डलहौजी के उन 15 होटलों के नामों के साथ पूरी जानकारी भेज दी गई है, जोकि अवैध रूप से चले हुए हैं। हालांकि इनकी संख्या 18 के करीब बताई जा रही है, लेकिन इसमें से 3 के खिलाफ पर्यटन विभाग ने कार्रवाई करते हुए उनके बिजली व पानी के कनैक्शन काट दिए हैं। शेष बचे हुए 15 होटलों पर भी जल्द ही गाज गिरने वाली है। यानी आने वाले पर्यटन सीजन के दौरान उक्त होटलों का अगर वजूद ही मिट जाए तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। 


पुख्ता जानकारी के अनुसार यहां कई ऐसे होटल लंबे समय से चले हुए हैं, जोकि पर्यटन निगम के पंजीकृत नहीं हैं। बावजूद हर वर्ष वे लाखों रुपए का व्यवसाय कर रहे हैं। इसमें कोई दोराय नहीं है कि इसमें अवैध होटलों का कारोबार जोर पकड़ता जा रहा है, लेकिन जब से अदालत ने ऐसे होटलों के खिलाफ अपना कड़ा रुख अख्तियार किया है, तब से अवैध रूप से चल रहे होटलों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग जिला चंबा में भी जोर पकड़ने लगी है। इस बात को अपने लिए खतरा मानते हुए अब ऐसे होटलों के संचालक व मालिक इन दिनों हिमाचल पर्यटन विभाग के जिला मुख्यालय में मौजूद कार्यालय के चक्कर काटने लगे हैं। जो होटल मालिक अथवा संचालक विभाग के किसी भी अधिकारी व कर्मचारी से बात तक करना अपनी तौहीन समझते थे, आजकल वे भीगी बिल्ली बनकर अपने होटलों को पंजीकृत करवाने के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं।


पर्यटन विभाग ने ऐसे होटलों को पूर्व में चेतावनी देने के साथ जुर्माने भी ठोके, लेकिन होटल संचालकों को इसकी कोई परवाह नहीं रहती थी, क्योंकि उनको इस बात का बखूबी एहसास था कि नाममात्र जुर्माना राशि भरने के बाद भी वे वर्ष में लाखों रुपए की आमदन करने में कामयाब रहेंगे। वहीं होटल संचालक अब पर्यटन विभाग के पास हाथ जोड़े हुए खड़े नजर आ रहे हैं।


क्या कहते हैं अधिकारी
पिछले दिनों पर्यटन निदेशालय से जो जानकारी मांगी गई थी, उसे तैयार कर निदेशालय को भेज दिया गया है। इसमें यहां 15 ऐसे होटल पाए गए हैं, जोकि विभाग के पास पंजीकृत न होने के बावजूद चले हुए थे। ये होटल इसलिए विभाग के पास पंजीकृत नहीं हो पाए थे, क्योंकि ये विभाग के मापदंडों पर किसी न किसी वजह से खरा नहीं उतर पा रहे थे। उधर, डलहौजी में ऐसे अन्य होटलों के बारे में भी जानकारी हासिल करने के लिए एस.डी.एम. डलहौजी को पत्र लिखा गया है। यह बात सही है कि जिला पर्यटन कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें होटलों से संबंधित जरूरी जानकारियां मांगी गई है। उक्त पत्र को ई.ओ. नगर परिषद डलहौजी को भेज कर इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 


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