कांग्रेस में बागियों की वापसी पर शिंदे के साथ सुक्खू भी खामोश

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Tuesday, September 12, 2017-9:25 AM

शिमला: हिमाचल में विधानसभा चुनाव का बिगुल कभी भी बज सकता है लेकिन कांग्रेस में बागियों की वापसी की राह चुनावी वर्ष में भी आसान नहीं दिख रही। अंदरखाते इसका मुख्य कारण अधिकतर बागियों का मुख्यमंत्री वीरभद्र समर्थक होना भी कहा जा रहा है। माना जा रहा था कि कांग्रेस के नए प्रभारी बागियों की वापसी पर मोहर लगा देंगे लेकिन प्रदेश का 2 बार दौरा करने पर भी सुशील कुमार शिंदे ने इस मामले पर पूरी तरह से खामोशी ही साधे रखी। विशेष है कि कई बागी पार्टी के हिमाचल शिंदे के समक्ष अपना पक्ष भी रखे चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया है। मुख्यमंत्री भी कई दफा बागियों की संगठन में वापसी किए जाने की पैरवी कर चुके हैं। 


संगठन में वापसी की राह देख रहे बागियों की दिक्कतें बढ़ी
वीरभद्र की पैरवी के बाद ही कांग्रेस अनुशासन समिति ने भी बीते मई माह में बागियों की वापसी किए जाने की सिफारिश की थी, बावजूद इसके मामला अधर में लटका हुआ है। इस मसले पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी अभी तक कोई उचित कदम नहीं उठाया है। ऐसा होने से संगठन में वापसी की राह देख रहे बागियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। सूत्रों की मानें तो यदि बागियों की वापसी नहीं होती है तो संगठन को विस चुनाव में इसका खमियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। इसका मुख्य कारण कई कद्दावर नेताओं का बागियों की फेहरिस्त में शामिल होना है जो पार्टी प्रत्याशियों के समीकरण बिगाड़ सकते हैं। वर्तमान में हिमाचल कांग्रेस के करीब 33 नेता और पदाधिकारी संगठन से निलंबित चल रहे हैं। इन 4 पूर्व विधायकों में देहरा से योगराज, घुमारवीं से कश्मीर सिंह, आनी से ईश्वर दास और करसोग से मस्त राम शामिल हैं। 


जल्द ही लिया जाएगा उचित निर्णय: चौहान
प्रदेश कांग्रेस के महासचिव एवं मीडिया विभाग के चेयरमैन नरेश चौहान ने सम्पर्क करने पर बताया कि जल्द ही बागियों की वापसी पर उचित निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन सभी को साथ लेकर मिशन रिपीट की दिशा में आगे बढ़ेगा। 

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