कांग्रेस को अपनों ने ही चुनाव में हराया

Edited By Punjab Kesari, Updated: 05 Jan, 2018 10:10 AM

congress defeats in elections only

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण अपने ही रहे। कुछ जगहों पर कांग्रेस के समानांतर उम्मीदवार खड़े हो गए तो कई ने भितरघात किया। इसी तरह सत्ता और संगठन में तालमेल की कमी भी हार का एक कारण बनी। भाजपा की अपेक्षा कांग्रेस में संसाधनों की...

शिमला: विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण अपने ही रहे। कुछ जगहों पर कांग्रेस के समानांतर उम्मीदवार खड़े हो गए तो कई ने भितरघात किया। इसी तरह सत्ता और संगठन में तालमेल की कमी भी हार का एक कारण बनी। भाजपा की अपेक्षा कांग्रेस में संसाधनों की कमी भी खली और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी यह बात कही। भाजपा में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्री चुनाव के समय डेरा डाले रहे, वहीं कांग्रेस ने अकेले वीरभद्र सिंह को चुनाव मैदान में छोड़ दिया। नरेंद्र मोदी की अपेक्षा राहुल गांधी की उपस्थिति बहुत कम रही। 


इसी तरह केंद्र सहित अन्य राज्यों से कांग्रेस के जो नेता प्रदेश में आए, वे फील्ड में जाने की बजाय अधिकतर पत्रकार वार्ताओं और बैठकों तक सीमित रहे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पिछले दिन शिमला दौरे के दौरान यह स्वीकार किया कि सत्ता-संगठन में तालमेल की कमी भी चुनाव में हार का मुख्य कारण रहा। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुशील कुमार शिंदे भी हार के कारणों को लेकर फीडबैक ले चुके हैं और इस बारे उनकी पार्टी आलाकमान से मंत्रणा भी हुई है। कांग्रेस के दिग्गज नेता कौल सिंह ठाकुर तक अपनी हार के लिए अप्रत्यक्ष तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को दोषी ठहरा चुके हैं। पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, पूर्व विधायक राम कुमार, किशोरी लाल, हरभजन सिंह भज्जी, रवि ठाकुर, संजय रत्न और सुभाष मंगलेट भितरघात को हार का कारण बता चुके हैं। 


सरकाघाट से पार्टी प्रत्याशी ने अपनी हार के लिए पूर्व मंत्री का नाम लिया है। भोरंज से पार्टी प्रत्याशी सुरेश कुमार और आनी से परस राम सहित अन्य नेताओं ने हार के लिए अपनों को दोषी ठहराया है। ठियोग से दीपक राठौर भी पार्टी की तरफ से भितरघात का आरोप लगा चुके हैं। इसके अलावा पार्टी के कई नेता वीडियो व ऑडियो रिकार्डिंग अपनी शिकायत में सौंप चुके हैं। राहुल गांधी की एक रैली में जी.एस. बाली को मुख्यमंत्री बनाए जाने तक के नारे लगे, जिस कारण वीरभद्र सिंह ने बीच में ही अपना भाषण रोक दिया। इससे भी पार्टी के भीतर गुटबाजी राहुल गांधी के समक्ष खुलकर सामने आई। कांग्रेस की तरफ से भितरघात के चलते बड़े स्तर पर पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता भी दिखाया है तथा आने वाले समय में कई अन्य नेताओं पर गाज गिर सकती है।
 

Related Story

Trending Topics

IPL
Chennai Super Kings

176/4

18.4

Royal Challengers Bangalore

173/6

20.0

Chennai Super Kings win by 6 wickets

RR 9.57
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!