कॉमर्स प्रवक्ताओं को B.Ed. की मिले छूट, संघ ने की CM से मांग

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Friday, April 21, 2017-4:26 PM

ऊना: हिमाचल प्रदेश स्कूल प्राध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मांग की है कि कॉमर्स के अनुबंध प्रवक्ता जो बी.एड. की शर्त की वजह से नियमित होने से छूट गए हैं, उन्हें बैक डेट नियमित से किया जाए। यह मांग स्कूल प्राध्यापक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष विनोद वनियाल, जिला अध्यक्ष विकास रतन, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतपाल वशिष्ठ, निर्मल राणा, पवन चौधरी, संतोष परमार, निशा धीमान, सुनीता ठाकुर, अंजू रानी, अजेन्द्र सिंह, हंसराज, सुमन, राम गोपाल डोगरा, अनिल ठाकुर व नीरज सौंध सहित अन्य पदाधिकारियों ने की है। 


अनुबंध प्राध्यापकों को पुरानी पैंशन योजना में शामिल किया जाए
उन्होंने कहा कि जब उनकी नियुक्ति हुई थी तब बी.एड. की कोई शर्त नहीं थी और 5 वर्ष पूरे होने पर नियमितीकरण के लिए बी.एड. की शर्त लगाकर उन्हें नियमित करने से वंचित कर दिया। यह अन्याय है। पी.जी.टी. पदनाम को समाप्त कर स्कूल प्राध्यापक पदनाम पुन: बहाल किया जाए। वर्ष 2003 के बाद नियुक्त अनुबंध प्राध्यापकों व पैरा टीचर्ज को पुरानी पैंशन योजना में शामिल किया जाए। विज्ञान अध्यापकों के लिए विज्ञान प्रायोगिक भत्ता दिया जाए।


इस मांग को प्रमुखता से उठाता रहा संघ
एम.फिल, एम.एड. तथा पीएच.डी. शिक्षा प्राप्त स्कूल प्राध्यापकों को विशेष इन्क्रीमैंट दी जाए। कालेज कैडर के लिए पात्र स्कूल प्राध्यापकों को अनुबंध की बजाय नियमित रूप से असिस्टैंट प्रोफैसर लगाया जाए। 4-9-14 का लाभ हर पदोन्नति पर दिया जाए। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्राध्यापक संघ के विभिन्न स्कूलों में तैनात अनुबंध प्राध्यापकों के नियमितीकरण की अवधि 5 वर्ष से घटाकर 3 वर्ष करने के निर्णय की सराहना की है। उन्होंने कहा कि संघ इस मांग को प्रमुखता से उठाता रहा है। 

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