ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर का लाइसैंस रद्द, जानिए क्या है वजह

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Saturday, January 13, 2018-1:14 AM

हमीरपुर: परिवहन विभाग में ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर द्वारा एक गाड़ी की खरीद-फरोख्त में दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। विभाग ने इस मामले में सर्विस प्रोवाइडर का लाइसैंस रद्द कर उसकी शिकायत हमीरपुर थाना में कर दी है। जानकारी के अनुसार ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर ने एक व्यक्ति द्वारा गाड़ी के दस्तावेजों में तिथियों में टैंपरिंग कर फर्जी दस्तावेज बना दिए। इन दस्तावेजों में न तो खरीदने वाले के हस्ताक्षर थे और न ही बेचने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर हुए थे। विभाग को इस फर्जीवाड़े का तब पता चला, जब गाड़ी विभाग के पास रजिस्टर होने को आई। विभागीय कर्मचारियों ने पाया कि गाड़ी की रजिस्ट्री तिथि 26 दिसम्बर, 2017 थी जबकि असली तारीख 26 सितम्बर, 2017 थी। इस तरह की गड़बड़ी से उक्त व्यक्ति टैक्स की चोरी कर रहा था। 

पहले भी लग चुके हैं गड़बड़ी करने के आरोप
जानकारी के अनुसार इसी सर्विस प्रोवाइडर पर लोगों से काम के बदले ज्यादा चार्ज वसूलने तथा कागजों में गड़बड़ी करने के कथित आरोप भी लगे हैं, जिस पर पहले भी उसे विभाग द्वारा नोटिस देकर चेताया गया था। विभाग द्वारा सारे मामलों की जांच कर ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर का लाइसैंस रद्द कर दिया गया। सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर की गई कागजी कार्यवाही के लिए जिम्मेदार है, जिन्हें वह लाइसैंस अथॉरिटी को जमा करवाता है।

ज्यादा पैसे मांगने पर लोग विभाग में दें शिकायत 
परिवहन अधिकारी हमीरपुर  विक्रम महाजन ने बताया कि विभाग द्वारा इस फर्जीवाड़े में सभी तथ्यों को परखने के बाद ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर को दोषी पाया गया है तथा उसका लाइसैंस रद्द कर दिया गया है। विभाग द्वारा इस फर्जीवाड़े की शिकायत पुलिस में भी की गई है। विभाग द्वारा लोगों की सुविधा के लिए कार्यालय के बाहर बोर्ड लगाया लगाया गया है, जिसमें साफ-साफ जानकारी दी गई है कि किस काम का क्या चार्ज होगा। किसी भी ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर द्वारा ज्यादा पैसे मांगने पर वे विभाग में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।


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