Watch Video: रोहतांग दर्रा बहाल: 12 घंटे काम कर BRO को मिली कामयाबी, माइनस तापमान पर डटे रहे जवान

You Are HereHimachal Pradesh
Friday, November 24, 2017-3:19 PM

मनाली : लाहौल घाटी में फंसे सैकड़ों लोगों को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने राहत दी है। दरअसल सीमा सड़क संगठन मनाली के कमांडर कर्नल अरविंद कुमार अवस्थी ने कहा कि 2018 में मनाली-लेह मार्ग पर पर्यटक और राहगीर सुहाने सफर का आनंद उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस साल लेह मार्ग के 222 किलोमीटर लंबे मनाली-सरचू मार्ग पर 50 किलोमीटर की मैटलिंग का कार्य पूरा कर लिया है। कर्नल वीरवार को अपने मनाली कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस साल कोकसर में चंद्रभागा नदी पर 70 मीटर लंबा स्टील ब्रिज अरैर कोकसर नाले में 30 मीटर लंबा पुल तैयार कर जनता को सर्मिपत किया है। उन्होंने बताया कि 2018 में कोठी पुल, कमांडर पुल, दारचा पुल और सरचू पुल को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। कर्नल ने बताया कि इस साल मनाली-सरचू मार्ग पर कल्वर्ट, रिटेङ्क्षनग वाल, ब्रैस्ट वाल और लाइन ड्रेन पर 30 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इससे सड़क के सफर को सुहाना बनाने में मदद मिली है।
PunjabKesari


12 घंटे काम कर रोहतांग दर्रे को बहाल किया
कमांडर ने कहा कि दारचा-शिंकुला मार्ग को डबललेन बनाने के साथ-साथ शिंकुला से पदुम को सड़क बनाने का कार्य जारी है। 27 किलोमीटर दारचा-शिंकुला मार्ग को 2018 में पक्का कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तांदी-संसारी मार्ग पर भी सड़क चौड़ाई का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। कर्नल ने कहा कि तांदी से संसारी तक सड़क को सॢदयों में भी खुला रखने के प्रयास किए जाएंगे। कर्नल ने कहा कि बी.आर.ओ. के जवानों ने माइनस तापमान में 12 घंटे काम कर रोहतांग दर्रे को बहाल किया है, जिसके लिए बी.आर.ओ. की पूरी टीम बधाई की पात्र है। लाहौल में फंसे लोगों को घाटी से बाहर निकलने के लिए ही बी.आर.ओ. ने दर्रे को बहाल किया है। उन्होंने कहा कि आज और कल वाहनों की आवाजाही को रोहतांग खुला रहेगा। कर्नल ने स्पष्ट किया कि अब बर्फ पडऩे की सूरत में बी.आर.ओ. रोहतांग दर्रे को बहाल नहीं करेगा।

रोहतांग दर्रे में जम रहा है पानी, जोखिम बरकरार
रोहतांग दर्रे में पानी जमने से वाहन चालकों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। कोकसर रैस्क्यू टीम ने वाहनों के काफिले को रोहतांग तक पहुंचाया, जबकि रोहतांग से मढ़ी तक वाहनों का काफिला मढ़ी रैस्क्यू टीम की निगरानी में मनाली रवाना हुआ। कोकसर रैस्क्यू टीम के प्रभारी पवन ने बताया कि 54 बड़ी गाड़ियों सहित कुल 188 गाड़ियों ने रोहतांग दर्रे को पार कर कोकसर से मनाली दस्तक दी। उन्होंने बताया कि रोहतांग दर्रे के कुछ भागों में पानी जमने से दिक्कतें बढ़ी हैं।
 

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!