एशिया का सबसे ऊंचा मैडीटेशन भवन जनता को समर्पित

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Sunday, August 20, 2017-1:54 AM

मनाली: सीमावर्ती क्षेत्र स्पीति के टशी गेंग में एशिया का सबसे ऊंचा साढ़े 15 हजार फुट की ऊंचाई पर मैडीटेशन सैंटर बनकर तैयार हो गया है। 31 लाख रुपए की लागत से बने इस भवन को महामहिम दलाईलामा के लिए समर्पित किया गया है। 80 के दशक में महामहिम इस जगह पर आए थे और विश्व शांति के लिए पूजा पाठ किया था। इस जगह पर किब्बर पंचायत के ग्रामीणों द्वारा 70 के दशक में छोटा सा पूजा घर बनाया गया था। महामहिम के गुरु का दाह संस्कार भी इसी पवित्र धरती में किया गया है। बौद्ध अनुयायियों के लिए ये स्थान न केवल पवित्र है बल्कि आस्था से भी भरपूर है। लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुरने शुक्रवार को इसे जनता को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि ये स्थान बहुत ही पवित्र है। उन्होंने कहा कि साढ़े 15 हजार फुट की ऊंचाई पर बना मैडीटेशन सैंटर अपने आप में एक अजूबा है।

महामहिम यहां विश्व शांति के लिए कर चुके हैं पूजा पाठ 
उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थान पर महामहिम विश्व शांति के लिए पूजा पाठ कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही महामहिम इस मैडीटेशन भवन में धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे। इससे पहले विधायक ने काजा में 12 लाख रुपए की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काजा के कर्मचारी कक्ष का भवन स्कूल को समॢपत किया। किब्बर पंचायत की प्रधान तेंजिन आगमो ने ऊंचाई पर मैडीटेशन सैंटर बनाने पर प्रदेश सरकार का आभार जताया। बी.डी.सी. अध्यक्ष काजा कलजग ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने स्पीति का अथाह विकास किया है। उन्होंने कहा कि किब्बर पुल को बनाकर सरकार ने इतिहास रचा है। इस अवसर पर ए.डी.सी. काजा डा. विक्रम नेगी, एस.डी.एम. अरुण शर्मा, बी.डी.ओ. गोपी चंद पाठक, अधिशासी अभियंता पी.डब्ल्यू.डी. के भारद्वाज व आई.पी.एच. के इंद्र वर्मा सहित समस्त कर्मचारी और कांग्रेस कार्यकत्र्ता मौजूद रहे।

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