अग्निहोत्री बोले-स्टेयरिंग सीट पर CM जयराम, गियर डाल रहा कोई और

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Thursday, January 11, 2018-8:01 PM

धर्मशाला: राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में प्रस्तुत किए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में न तो कोई विजन डॉक्यूमैंट है न कोई प्राथमिकता है और न ही सरकार का कोई एजैंडा स्पष्ट है। ऐसा लगता है कि ड्राइवर सीट पर तो मुख्यमंत्री खुद बैठे हुए हैं लेकिन गाड़ी के गियर कोई और डाल रहा है। ऐसी भी चर्चाएं हैं कि संघ का दखल ज्यादा बढ़ गया है। मुख्यमंत्री को रिमोट जेब में रखना चाहिए लेकिन लगता है कि रिमोट कहीं और ही है। उन्होंने कहा कि जयराम बेहतरी के लिए काम करें और सत्ता का संचालन करें। 

2022 में भाजपा से छीन ली जाएगी सरकार 
उन्होंने चुनौती दी कि 2022 में भाजपा से सरकार छीन ली जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में बदले की भावना से काम न करने की बात तो कही गई है लेकिन सरकार को भी चाहिए कि वह बदले की भावना को त्याग कर विकास के रास्ते को अख्तियार करे। चुनावों में बड़ा पॉलिटिकल एक्सीडैंट देखने को मिला है। इस उलटफेर को बदलाव कहें या भाग्य का खेल मान लें। अब बदलाव हुआ है जिसके लिए विपक्ष भी नई सरकार को शुभकामनाएं प्रदान करता है। उनकी कांग्रेस सरकार ने काम किया था लेकिन लोगों ने उन्हें विपक्ष में भेज दिया। जो चुनाव नतीजे आए हैं उसकी कल्पना शायद किसी भी सदस्य ने नहीं की थी। 

कांग्रेस सरकार ने पैसे की कमी का नहीं रोया रोना
उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार को समय देना चाहता है। उन्होंने नसीहत दी कि पूर्व कांग्रेस सरकार को कोसने व उसका पोस्टमार्टम करने का कोई फायदा नहीं है। लोगों ने खुद ही कांग्रेस पार्टी को विपक्ष में बिठा दिया है। अब उम्मीदें भाजपा सरकार से हैं। मुख्यमंत्री बेलआऊट पैकेज लाएं। यदि विपक्ष के सहयोग की आवश्यकता हुई तो हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। वीरभद्र सरकार ने एक भी दिन पैसे का रोना नहीं रोया। अब जयराम सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए सीरियस प्लान तैयार करे। मुख्यमंत्री कैसे लाखों बेरोजगारों को नौकरी का प्रबंध करते हैं यह उन्हें तय करना है। 

ऐसा न हो कि चेहरा बदलने से नीति बदल जाए
उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले प्रोजैक्टेड सी.एम. कोई और थे जबकि अब कोई और हैं। ऐसा न हो कि चेहरा बदलने से नीति बदल जाए। प्रोजैक्टेड सी.एम. ने रूसा सिस्टम को पहले दिन ही खत्म करने, बैरियर टैक्स की दीवारों को खत्म करने, कर्मचारियों को 4-9-14 प्रदान करने, पुरानी स्कीम बहाल करने, अनुबंध कर्मियों को पक्के करने तथा एक भी बगीचा नहीं कटने देने जैसे वायदे जनता से किए थे। अब मुख्यमंत्री इन वायदों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है। ऐसे में औद्योगिक पैकेज लेकर आएं और प्रदेश को आर्थिक संकट से उभारने के लिए भी केंद्र से मदद लाएं तो पूरा हिमाचल उनको याद रखेगा।

सरकार के पहले दिन लिए 2 फैसलों की अलोचना
कांग्रेस विधायक दल के नेता ने कहा कि सरकार तबादले करे। इसका उसे पूरा अधिकार है लेकिन विस सत्र के दौरान तबादलों से परहेज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले ही दिन सरकार ने टायर्ड एवं रिटायर्ड लोगों को हटाने का फैसला किया लेकिन अगले ही दिन पटवारियों की सेवाओं को बहाल कर अपने फैसले को रोल बैक भी किया। सरकार सोच-समझ कर फैसले करे। उन्होंने कुल्लू के रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण मामले पर भी सरकार पर जल्दबाजी से फैसला लेने के लिए उसकी आलोचना की। 

अफसरशाही से सचेेत रहे सरकार 
उन्होंने नई सरकार को अफसरशाही से सचेेत रहने की भी नसीहत दी। अग्रिहोत्री ने कहा कि सरकार विकास और कल्याण का रास्ता अख्तियार करे न कि प्रतिशोध, उत्पीडऩ, एजैंसियों का पीछा करवाने के एजैंडे पर आगे बढ़े। अफसरशाही हमेशा रूट 2 पर चलने के लिए प्रेरित करती है, ऐसे में सरकार को सजग रहने की आवश्यकता है ताकि स्कोर सैटल करने के स्थान पर विकास का रास्ता ही अपनाया जा सके।


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